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बठिंडा थर्मल प्लांट की जमीन बेचने के विरोध पर वित्तमंत्री बादल बोले- वहां औद्योगिक पार्क बनेगा

Wed, 24 Jun 2020 12:05 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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मनप्रीत बादल - फोटो : फाइल फोटो
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बंद पड़े बठिंडा थर्मल प्लांट की जमीन को बेचने के विरोध के बीच मंगलवार को वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि प्लांट की जमीन पर सूबे का सबसे बड़ा औद्योगिक पार्क बनेगा। बादल ने प्लांट को घाटे का सौदा और प्रदूषण का कारण भी बताया। सोमवार को कैबिनेट से प्लांट की जमीन बेचने को मंजूरी मिलने के बाद आप ने विरोध जताते हुए वित्त मंत्री का आवास घेरने की कोशिश की थी।
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अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बठिंडा थर्मल प्लांट पर्यावरण, आर्थिक और प्रशासनिक कारणों के चलते तीन साल पहले बंद हो गया था। अब सरकार की कोशिशों के बाद दक्षिणी पंजाब की आर्थिकता बुलंदियां छूएगी। वित्त मंत्री ने चीन से कारोबार समेटने वाली कंपनियों को बठिंडा के नए औद्योगिक पार्क में निवेश का न्योता देते हुए कहा कि बठिंडा नए औद्योगिक केंद्र के तौर पर उभरेगा।

इसके अलावा, बठिंडा शहर को 164 एकड़ जल स्रोत और झीलें मिलेंगी, जो पहले थर्मल प्लांट का हिस्सा थे। वहीं प्लांट के बंद होने के कारण 280 एकड़ क्षेत्रफल में फैली खाली हुई पावर कालोनी में पूरी सिविल और पुलिस लाइन के अधिकारियों और मुलाजिमों को रिहायशी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बठिंडा वासियों को कोयले वाले इस बिजली प्लांट की तरफ से फैलाए जा रहे प्रदूषण से राहत मिली है।
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प्लांट 25 साल की मियाद पूरी कर चुका था

वित्त मंत्री ने बताया कि बठिंडा थर्मल प्लांट 1974 में स्थापित किया गया था। यह पंजाब का सबसे पुराना प्लांट था, जो अपनी 25 साल की असली मियाद पार कर चुका था। केंद्रीय बिजली एजेंसी (सीईए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी गैर-व्यवहारिक थर्मल प्लांट, जो 25 साल की मियाद पूरी कर चुके हैं, को बंद कर दिया जाना है।

7.70 रुपये प्रति यूनिट पड़ रही थी थर्मल प्लांट की बिजली
मनप्रीत ने कहा कि बठिंडा थर्मल प्लांट में बिजली उत्पादन की लागत 7.70 रुपये प्रति यूनिट से अधिक थी, जबकि पंजाब सरकार इस समय 2.30-2.70 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद रही है। यह थर्मल प्लांट सिर्फ 7.23 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर चल रहा था, जिस कारण यह व्यवहार्य नहीं था। थर्मल प्लांट को केवल चालू हालत में रखने का सालाना खर्च 110 करोड़ से अधिक था। इस थर्मल प्लांट को बंद करने के बाद एक भी कर्मचारी, चाहे वह पक्का, कच्चा या ठेके पर हो, को नौकरी से नहीं हटाया गया।

थर्मल प्लांट की जमीन व इमारतों का ऐसे होगा उपयोग
पंजाब कैबिनेट के नए फैसले के बारे में जानकारी देते हुए मनप्रीत बादल ने बताया कि इस थर्मल प्लांट के लिए 164 एकड़ में बनी झीलों को अब जलापूर्ति व्यवस्था के साथ जोड़ा जाएगा। बठिंडा में पीने के पानी की सप्लाई नहरी पानी पर निर्भर है। वर्तमान में शहर की जल भंडार क्षमता 10 दिन की है। इन झीलों के जुड़ने से शहर की जल भंडार क्षमता 60 दिन तक बढ़ जाएगी। इसी तरह 280 एकड़ में बनी पावर कालोनी में पुलिस और सिविल प्रशासन के डिप्टी कमिश्नर से लेकर दर्जा-4 तक के सभी स्टाफ को रिहायश मिल सकेगी।

अन्यथा यह कालोनी खंडहर बन जाती। इस तबदीली से बठिंडा शहर के केंद्र में 65 एकड़ जगह खाली होगी, जहां पंजाब में से नवीन और सबसे आधुनिक किस्म का सेंट्रल कामर्शियल कांप्लेक्स बनाया जाएगा। इसके अलावा 1320 एकड़ जमीन, जो प्लांट और राख भंडार के लिए इस्तेमाल की जाती थी, को इंडस्ट्रियल पार्क में तबदील किया जाएगा। यह पंजाब का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क होगा। पंजाब सरकार यहां फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए केंद्र से संपर्क कर रही है, जोकि देश में इस किस्म के तीन पार्कों में से एक होगा।
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