पंचकूला। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मंगलवार को नागरिक अस्पताल सेक्टर - 6 का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में स्थित डीएडिक्शन/साइकेट्रिक वार्ड का निरीक्षण किया और वहां उपचाराधीन मरीजों से बातचीत की। उन्होंने नशे के रोगियों और मानसिक रोगियों को एक ही वार्ड में रखे जाने पर नाराजगी व्यक्त कर निर्देश दिए कि नशा के रोगियों और मानसिक रोगियों को अलग-अलग वार्डों में शिफ्ट किया जाए ताकि उनका बेहतर ढंग से उपचार किया जा सके।
ज्ञानचंद गुप्ता ने वार्ड में मरीजों को फटे कंबल देने पर नाराजगी जताई। उन्हें नए कंबल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सर्जिकल वार्ड के निरीक्षण के दौरान पाया कि कई बेड पर फटी चादरें बिछाई गई हैं। उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ साल पहले सरकारी अस्पतालों में सप्ताह में प्रत्येक दिन नई और अलग रंग की चादरें बिछाने की एक योजना लागू की गई थी, परंतु यहां ऐसा देखने को नहीं मिल रहा। यह चिंता का विषय है। गुप्ता ने निर्देश दिए कि मरीजों के लिए बेड पर नई चादरों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कई वार्डों में खराब पड़े एयर कंडिशन के मामले में कड़ा संज्ञान लेकर अस्पताल प्रबंधन को इन्हें जल्द से जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सेक्टर -6 का नागरिक अस्पताल, भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक अस्पतालों की सूची में आता है। यहां सुविधाओं का अभाव किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एसी लगवाए गए हैं, परंतु वह काम नहीं कर रहे। इससे मरीजों को इस भीषण गर्मी में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए वॉटर कूलर लगवाने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर विस अध्यक्ष ने अस्पताल में स्थित नवजात शिशु देखभाल विभाग, बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई और इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया और वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार और पीएमओ सुवीर सक्सेना भी उपस्थित थे।
मानसिक रोगी परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करे : गुप्ता
ज्ञानचंद गुप्ता ने वार्ड में उपचाराधीन मानसिक रोगियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि मानसिक रोगी परिस्थितियों से हार न माने और डटकर उनका मुकाबला करे। वे स्वयं को व्यस्त रखें और अपना अधिक से अधिक समय किसी रचनात्मक कार्य में लगाएं। ज्ञानचंद गुप्ता ने निर्देश दिए कि अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए रीडिंग और आर्ट एंड क्राफ्ट इत्यादि गतिविधियों की व्यवस्था की जाए ताकि वे अपने आप को अधिक से अधिक समय तक व्यस्त रख सकें।