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हरियाणा: एचएसएससी ने पटवारी, ग्राम सचिव के पेपर से पहले हां-ना की शर्त हटाई, शिकायतें आने पर लिया फैसला

Tue, 16 Nov 2021 02:03 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने एक लिंक जारी किया था कि जो आवेदक हैं, वे पेपर से पहले हां-ना की बात कह सकते हैं। लेकिन सर्वर व्यस्त होने और ज्यादा शिकायतें आने के बाद अब इस शर्त को हटा लिया गया है। शर्त इसलिए लगाई गई थी कि जो आवेदक पेपर नहीं देना चाहते, उनके लिए पेपर प्रिंट ही न किया जाए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल
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विस्तार
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सोमवार को ग्राम सचिव, पटवारी और महिला कांस्टेबल दुर्गा का पेपर देने से पहले यस और नो करने की शर्त को हटा दिया है। 4 दिन में 13 लाख पात्रों के लिए लिंक जारी किया गया था। पात्र ज्यादा होने से कभी साइट तो कभी सर्वर व्यस्त रहा। आयोग के पास काफी शिकायतें पहुंचीं। पेपर का समय तय होने के कारण बाकी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी बातों और पात्रों की समस्या को देखते हुए आयोग ने फैसला लिया कि इन पेपरों के लिए इस शर्त को लागू नहीं किया जाएगा।

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आयोग ने महिला कांस्टेबल दुर्गा के पेपर के लिए 12 दिसंबर और पटवारी, ग्राम सचिव के लिए 26, 27 व 28 दिसंबर का समय तय किया हुआ है। इसके लिए पात्रों को 11 से 15 नवंबर के बीच विभाग की वेबसाइट पर जाकर दिए गए लिंक को खोलने के बाद पेपर देने के लिए यस व पेपर न देने के लिए नो का चयन करना था। लिंक 11 के बजाय 12 नवंबर को जेनरेट हो पाया। ज्यादा पात्रों को कम समय दिए जाने के कारण सर्वर व्यस्त रहा। ऐसे में पात्रों ने आयोग को शिकायत दी और शिकायत के आधार पर निर्णय वापस लिया गया।
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 पेपर प्रिंट से पहले डाटा जुटाना चाहता था आयोग
रेवेन्यू पटवारी, नहरी पटवारी व ग्राम सचिव के लिए 10 लाख 3 हजार लोगों ने आवेदन किया हुआ है। महिला कांस्टेबल दुर्गा के लिए 2 लाख 30 हजार ने आवेदन किया हुआ है। इससे पहले पुरुष कांस्टेबल के पेपर में 8 लाख 39 हजार ने आवेदन किया था। इस परीक्षा में 3 लाख 77 हजार पात्र ही शामिल हुए। करीब 4 लाख 62 हजार पेपर वेस्ट हो गए। जो विभाग, सरकार व पात्रों का नुकसान है। पहले ही पेपर देने की हां-ना लेने के बाद ही पेपर प्रिंट का ऑर्डर दिया जाएगा। ताकि पेपर देने का वालों का डाटा जुटाया जा सके।
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हमारे पास काफी पात्रों की शिकायतें आ रही थीं। चारों विभागों के पदों के लिए परीक्षा का समय तय किया हुआ है। ऐसे में यस व नो के विकल्प का चयन करने के लिए समय सीमा नहीं बढ़ाई जा सकती थी। ऐसे में पात्रों की सुविधा के लिए आयोग ने इस शर्त को ही वापस ले लिया। 
-भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग

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