चंडीगढ़। नियमों और वरिष्ठता को नजरअंदाज कर पदोन्नति करने का आरोप लगाते हुए इसे खारिज करने की अपील पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) व मिडिल स्कूल हेडमास्टर से हाईस्कूल हेडमास्टर पद की पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि मार्च 2021 में हुई पदोन्नतियां इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगी।
जींद निवासी राजेंद्र प्रसाद व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हाई स्कूूल हेड मास्टर पद की पदोन्नति प्रक्रिया को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने मार्च में 83 पदों पर प्रमोशन किया था जिसे खारिज करने की हाईकोर्ट से अपील की गई है। याची ने बताया कि हाई स्कूल हेड मास्टर पद पर पदोन्नति के लिए टीजीटी और मिडिल स्कूल हेड मास्टर पद की संयुक्त वरिष्ठता सूची से चयन का प्रावधान है। इस प्रावधान को दरकिनार कर 83 पदों पर पदोन्नति कर दी गई जो प्रावधानों का उल्लंघन है। ऐसे में इन पदोन्नतियाें को खारिज करने तथा वरिष्ठता सूची तैयार करने के बाद ही पदोन्नतियां करने का आदेश जारी करने की हाईकोर्ट से अपील की गई। हाईकोर्ट ने अब पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए यह स्पष्ट किया है कि अभी तक किए गए प्रमोशन इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगे।