टैक्स न भरने के कारण न्यू दीप और ऑर्बिट एविएशन की बसें जब्त कर परमिट रद्द करने को चुनौती देने वाली दोनों ऑपरेटरों की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों याचिकाओं पर परिवहन मंत्री राजा वड़िंग ने जवाब दायर कर कह दिया है कि इन ऑपरेटरों के खिलाफ दुर्भावना के चलते कार्रवाई नहीं की गई थी, बल्कि टैक्स न भरने के कारण परिवहन विभाग ने कार्रवाई की थी।
न्यू दीप और ऑर्बिट एविएशन ने हाईकोर्ट को बताया था कि जब सरकार पहले टैक्स को किस्तों में भरने की इजाजत दे चुकी थी तो बाद में कैसे बिना सूचित किए याचिकाकर्ता कंपनी को मिली इजाजत को रद्द किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता कंपनी की जब्त की गई बसें छोड़ने और रद्द किए गए परमिट को अस्थायी तौर पर बहाल करने का अंतरिम आदेश देते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा था।
ऑर्बिट एविएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उनका 77 लाख 15 हजार 61 रुपये का जो बकाया था। 11 अक्तूबर को संबंधित अथॉरिटी ने इस राशि को 19 लाख 28 हजार 765 रुपये की चार किस्तों में भरने की इजाजत दे दी थी, जिसके बाद ऑर्बिट एविएशन ने पहली किस्त भर दी थी, लेकिन 18 अक्तूबर को किस्तों में बकाया भरे जाने की जो इजाजत दी गई थी, वह वापस ले ली गई। बावजूद इसके 15 नवंबर तक वह 30 नवंबर तक का पूरा टैक्स भर चुके थे। इसके बावजूद 12 नवंबर को उनका परमिट रद्द कर दिया गया। कुछ यही दलीलें न्यू दीप की ओर से भी दी गई थी।