चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निलंबित एआईजी ह्यूमन राइट्स पंजाब मालविंदर सिंह सिद्धू को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से दर्ज 30 अक्तूबर, 2023 की एफआईआर के संबंध में जमानत दे दी है। विजिलेंस ब्यूरो ने उनकी जमानत का विरोध भी किया। विजिलेंस ने विस्तार से अपना पक्ष रखा, लेकिन अदालत ने सिद्धू को सशर्त जमानत दे दी।
हाईकोर्ट ने कहा कि 4 नवंबर से निलंबित एआईजी हिरासत में हैं। जांच के दौरान विजिलेंस ने कई तथ्य जुटाए हैं, लेकिन आगे मुकदमे के दौरान उनकी हिरासत का कोई उचित तर्क नहीं है। यही कारण है कि शर्तों के साथ उनको जमानत दी गई। इस दौरान उनको एक बॉन्ड भरना होगा। ट्रायल पूरा होने तक अपने आधार कार्ड के साथ लिंक सिर्फ एक ही प्री पेड नंबर का इस्तेमाल करना होगा। साथ ही पुराने सभी प्री पेड नंबर बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि पोस्ट पेड नंबर पर ये आदेश लागू नहीं होंगे।
बता दें कि विजिलेंस ने 30 अक्तूबर, 2023 को पूर्व एआईजी पर भ्रष्टाचार रोको अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। आरोप था कि वह अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लोगों को परेशान करते हैं। आरोपों के अनुसार वह स्कूल, कार्यस्थल आदि जैसे विभिन्न स्रोतों से व्यक्तियों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे थे, ताकि दबाव बनाकर इनको ब्लैकमेल किया जा सके और बदले में रिश्वत ली जा सके। सिद्धू के खिलाफ दो और एफआईआर दर्ज हैं। एक 27 जनवरी, 2024 को मोहाली पुलिस और दूसरी 25 अक्टूबर 2023 को एक सरकारी कर्मचारी के खिलाफ बल का उपयोग करने के आरोप में दर्ज है। सूत्रों के अनुसार वह तुरंत बाहर नहीं आएंगे, क्योंकि 27 जनवरी की एफआईआर में उन्हें जमानत लेनी होगी।