चंडीगढ़। हरियाणा को फूलों से गुलजार करने की मुहिम रंग लाने लगी है। प्रदेश के 600 से अधिक शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक पार्कों और दस से अधिक श्मशानघाटों की तस्वीर अब तक बदल चुकी है। कभी बदहाल माने जाने वाले दस से अधिक श्मशानघाटों में अब फूलों की बहार है। संस्थानों, पार्कों, श्मशानघाट में एक या दो किस्म के नहीं, बल्कि 20 से अधिक किस्मों के फूल अपनी खुशबू बिखेर रहे हैं।
यह सामाजिक संस्था राह ग्रुप फाउंडेशन की कलरफुल इंडिया मुहिम से संभव हुआ है। फाउंडेशन के प्रयासों से चार जिलों के स्कूल, श्मशानघाट व दूसरे सार्वजनिक स्थान महक उठे हैं। संस्था के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेश सेलपाड़ ने टीम के साथ वर्ष 2019 में अपने गांव तलवंडी राणा, जिला हिसार के श्मशान घाट व दूसरे स्थानों पर फूलों की पौध का वितरण शुरू किया था। उनका मकसद ग्रामीणों का रुख पेड़, पौधों से लेकर फल और फूलों की तरफ मोड़ना है। शुरू में उन्हें दिक्कतें भी आईं और लोगों का सहयोग नहीं मिला। मुहिम से जुड़े युवाओं के घरवालों ने फूल वितरण छुड़वाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन जब स्कूल, पार्क व श्मशानघाट महकने लगे तो सोच भी बदल गई। समाजसेवी सारदूल वर्मा से संस्था को काफी सहयोग मिला। संस्था अब राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में सुगंधित एवं फूलदार पौधे भी लगाएगी।
नरेश ने बताया कि जहां कभी बदबू के कारण गुजरना मुश्किल होता था, अब वहां फूल महक रहे हैं। कलरफुल इंडिया मुहिम के तहत डेलिया, आइस, कराईटेना, करनडोला, प्लक, फ्लोक्स, स्वीट विलियम, कोसमॉस, कैलेनडूला, डेजी, स्टॉक, वॉल फ्लावर, पॉपी, कैलिफोर्निया पॉपी, नगरेट, लीफ वॉल फ्लावर, चांदनी, चांदी टफ, डहेलिया, पंजी, वरबीना, डिपोरिया, बराइकम, गजेनिया, जेरेनियम, स्टाक, सालविया, आस्टर, डैफोडिल, फ्रेशिया जैसे पौधों का वितरण संस्था करती आ रही है।
गोशालाओं में फूल खिलाने की तैयारी
संस्था इन दिनों हरियाणा गो सेवा आयोग के साथ मिलकर अहम परियोजनाओं पर काम करने की योजना बना रही है। उसके तहत प्रदेश की चयनित गोशालाओं में फूलदार पौधे लगाए जाएंगे। लोगों या संस्थाओं को गोशालाओं से जोड़ा जाएगा। इसके जरिये गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।