अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति के विरोध में सोमवार को किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के बैनर तले किसानों ने प्रदेश के 14 डीसी दफ्तरों के आगे इकट्ठा प्रदर्शन किया। किसानों ने लैंड पूलिंग नीति को रद्द करवाने के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब की ओर से प्रदेश प्रधान सुखविंदर सिंह सभरा और प्रदेश महासचिव राणा रणबीर सिंह ठट्ठा ने कहा कि नीति का अनुसरण करते हुए मान सरकार कॉरपोरेट मालिकों को लाभ पहुंचाने के लिए पंजाब की उपजाऊ ज़मीन पर कंक्रीट और जंगल बनाने का सपना देख रही है। इसको पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और दिल्ली लॉबी के इशारे पर गांवों को उजाड़ने की नीति आई है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि दुबई या अन्य देशों का उदाहरण दे रहे हैं पर उन देशों ने बंजर भूमि पर इमारतें बनाईं न कि 3 से 4 फसलें पैदा करने वाली उपजाऊ भूमि पर। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री हरदीप मुंडिया कहते हैं कि जमीन पर ऋण और सीमा को ऋण भूखंडों में स्थानांतरित किया जाएगा, लेकिन जब किसान के पास कृषि भूमि ही नहीं रहेगी तो वह ऋण कैसे चुकाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों से सिर्फ़ एक बार ज़मीन हड़पना चाहती है और इसीलिए उसने किसानों को सालाना एक लाख रुपये तक का ऑफर भी दिया है।
किसान नेताओं ने आगे कहा कि जो लोग ज़मीन नहीं देना चाहते, उन्हें 4 अगस्त तक अपनी आपत्तियां पेश करने का मौका दिया है। सुनवाई के दौरान उनकी आपत्तियां खारिज हो जाती हैं तो उन्हें कोई रास्ता नहीं दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब भर के संगठनों से अपील करती है कि वे मतभेद भुलाकर एकजुट हों और नीति को रद्द करवाने के लिए संघर्ष की तैयारी करें।
किसानों की मांग में बिजली के निजीकरण की नीति को वापस लेना, शंभू और खनौरी बॉर्डर को जबरन उखाड़ने के दौरान सामान चोरी होने से नुकसान की भरपाई करना भी शामिल है। जल प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम में बदलाव करके मिट्टी, हवा और पानी को प्रदूषित करने पर छह साल की सजा खत्म की जाए और अन्य बदलाव वापस लिए जाएं। किसानों और मजदूरों के पूरे कर्जे माफ किए जाएं। पंजाब सरकार विधानसभा में प्रस्ताव लाकर केंद्र सरकार पर एमएसपी गारंटी कानून बनाने का दबाव बनाए।
उन्होंने कहा कि एसकेएम द्वारा 30 जुलाई को दिए गए ट्रैक्चर मार्च के आह्वान का पूरा समर्थन करेंगे। इस मौके पर सरवन सिंह पंधेर, सतनाम सिंह पन्नू, सविंदर सिंह चुटाला, जसबीर सिंह पिद्दी, सतनाम सिंह मनोचाहल, हरजिंदर सिंह शाकरी, गुरबचन सिंह चब्बा, रणजीत सिंह कलेर बाला, जरमनजीत सिंह बंडाला विभिन्न जिलों के बड़ी संख्या में किसान मजदूर मौजूद रहे।