चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के अस्थायी कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिला है। इससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका धरना-प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। आरोप है कि अफसरों व ठेकेदारों का गठजोड़ है। उनके कमीशन के खेल में वह पिस रहे हैं। दिवाली नजदीक है। पता नहीं उनके घर दीपक जलेंगे या नहीं।
कर्मचारियों का आरोप है कि जय मां इंटरप्राइजेज, आकाश, निर्वाना कॉरपोरेशन, एमके इंटरप्राइजेज के तहत उन्हें काम पर रखा गया था। काम लगातार लिया जाता रहा, लेकिन पैसे नहीं दिए गए। हर बार यही हाल होता है। कुछ कर्मचारियों का आरोप है कि नाम की यह चार कंपनियां हैं, लेकिन इनमें से तीन कंपनी के संचालक एक ही हैं। केवल ठेका लेने के लिए ऐसा किया गया। पीयू के अफसरों को भी यह पता है, लेकिन उन्होंने खेल किया। कर्मचारियों का कहना है कि 11 अक्तूबर से वह लगातार धरना दे रहे हैं। एक जगह से कुछ पैसे जरूर दिए गए, लेकिन वह नाकाफी हैं। पूरा काम लिया है तो दाम पूरे चाहिए। कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए और कार्रवाई भी। सोमवार को समस्या का हल नहीं निकला तो उग्र प्रदर्शन होगा। उधर, छात्र भी कर्मचारियों के समर्थन में उतर आए हैं। जय मां इंटरप्राइजेज के ठेकेदार नितिन ने बताया कि उन्होंने कर्मचारी नहीं रखे, उन्हें दूसरी कंपनी के माध्यम से कर्मचारी दिए गए थे। कुछ रुपये दे दिए हैं। बाकी पीयू भुगतान करेगी तभी देंगे। पीयू ने अभी एक रुपये तक नहीं दिया।
उधर, पीयू की डीपीआर रेणुका सलवान का कहना है कि कर्मचारियों का मानदेय कुछ जारी कर दिया गया है, बकाया भी जल्द जारी किया जाएगा।