फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धोखे से नौकरी पाने वाला कर्मचारी सेवा सुरक्षा की मांग का हकदार नहीं :हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कॉलेज प्रबंधन की अपील पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि धोखे से नौकरी पाने वाला कर्मचारी सेवा की सुरक्षा की मांग नहीं कर सकता। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रबंधन की अपील को स्वीकार करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को खारिज कर दिया।
विज्ञापन

याचिका दाखिल करते हुए गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज पलवल की प्रबंधन कमेटी ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती दी थी। कमेटी ने बताया कि 29 जून 2017 को केमिस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए विज्ञापन मांगा था। इसके लिए सबीर हुसैन ने भी आवेदन किया था। इस आवेदन में उसने एनसीसी सर्टिफिकेट न होने और एक्सट्रा एक्टिविटी न होने की बात दर्ज की थी। जब इंटरव्यू हुआ तो उसे इन दोनों के अंक दिए गए और उसको नियुुक्ति दे दी गई। इसी बीच कॉलेज के एक पूर्व कर्मचारी ने आरटीआई से जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि यह दस्तावेज फर्जी थे। इसके बाद साबिर हुसैन, चयन समिति की सदस्यों व कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसी बीच कॉलेज प्रबंधन ने दस्तावेजों की जांच के बाद साबिर की सेवाओं को समाप्त कर दिया। इसे चुनौती देते हुए उच्च शिक्षा महानिदेशक के पास अपील की गई। वहां से भी कोई राहत न मिलने पर उसने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष अपील दाखिल कर दी। सिंगल बेंच ने उसकी सेवा समाप्त करने के आदेश को रद्द कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ प्रबंधन ने खंडपीठ के समक्ष अपील दाखिल कर दी। अब खंडपीठ ने सिंगल बेंच के फैसले को खामी वाला बताते हुए इसे खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारी ने यदि नौकरी धोखे से प्राप्त की है तो वह सेवा की सुरक्षा की मांग नहीं कर सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें