चंडीगढ़। आखिरकार विद्यार्थियों का संघर्ष कामयाब हो गया। पीयू के छात्र संगठनों ने कैंपस खोलने के लिए सोमवार सुबह वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए वीसी का पुतला जलाया। इसके बाद शाम को पीयू अधिकारियों ने एमए और स्नातक कोर्स के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने की इजाजत दे दी। विज्ञान विभागों के एमएससी अंतिम वर्ष और पीएचडी शोधार्थियों के लिए पहले ही यूनिवर्सिटी खुली थी। अब परास्नातक कोर्स के सभी विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं पूरी तरह ऑफलाइन माध्यम में कर दी हैं। वहीं छात्रावास मेरिट के आधार पर दिए जाएंगे। खास बात यह है कि छात्रों ने कैंपस खोलने के लिए कई बार संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया। आखिरकार दो वर्ष के बाद पीयू ने यह योजना तैयार हुई है।
पीयू की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि कैंपस ने सामान्य तरीके में काम करना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन परीक्षाओं के खत्म होते ही ऑफलाइन माध्यम में विभागों की सभी गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। चार वर्षीय स्नातक कोर्स के पहले तीन साल और तीन वर्षीय स्नातक कोर्स के पहले दो वर्ष के विद्यार्थियों की कक्षाएं अभी अगले आदेशों तक ऑनलाइन रहेंगी, क्योंकि कोरोना दिशानिर्देशों को लेकर कुछ व्यवस्थाएं करनी हैं। इसके बाद इनके लिए ऑफलाइन कक्षाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी।
पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों के संयुक्त आह्वान पर हुआ छात्रों का प्रदर्शन
सोमवार सुबह छात्र संगठन पीएसयू ललकार और नौजवान भारत सभा के सदस्य परिसर में इकट्ठे हुए। इसे बाद उन्होंने वीसी दफ्तर के बाहर यूनिवर्सिटी परिसर को खोलने के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों के संयुक्त आह्वान पर बुलाया गया था। इसमें सभी स्कूल और कॉलेजों को पूर्ण रूप से खुलवाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाना था। इस दौरान विद्यार्थियों ने पीयू वीसी प्रो. राजकुमार का पुतला जलाकर रोष व्यक्त किया। ललकार के अमन ने बताया कि पिछले दो साल से यूनिवर्सिटी पूरी तरह बंद पड़ी है। इससे विद्यार्थियों का अकादमिक रूप से नुकसान हो रहा है। ऑनलाइन पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भविष्य में नौकरी मिलने में दिक्कत होगी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस तरफ ध्यान देना छोड़ दिया है।
बॉक्स
छात्रावास के लिए ये नियम रहेंगे
विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधाएं सामान्य दिनों के अनुसार ही मिलेंगी। छात्रावास में कमरे मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को मिलेंगे। विद्यार्थियों को अभिभावकों से लिखवाकर लाना होगा कि वे कोरोना दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। विभाग के अध्यक्ष को अंडरटेकिंग देना होगा कि जरूरत पड़ने पर ऐसी परिस्थिति में छात्रावास को खाली करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों को कोरोना टीकाकरण की दोनों डोज लगी होनी अनिवार्य है। इसके साथ ही 72 घंटे पहले की नकारात्मक आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी जमा करवानी होगी। पीयू में बाहरी छात्रों को छात्रावास में रुकने की अनुमति नहीं मिलेगी।