पंचकूला। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचकूला जिले में 22 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे, लेकिन मीटर उपलब्ध नहीं होने के कारण आज तक केवल दस हजार स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं। पुराने मीटर जलने के कारण लोगों को मीटर बदलवाने में काफी समस्या आ रही है। वर्तमान में घर के बाहर खंभों में लगे मीटर आंधी और बारिश की वजह से खराब हो रहे हैं। बिजली की जरूरत के हिसाब से स्मार्ट मीटर चलता है। पंचकूला सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एसके नैय्यर ने बताया कि बिजली निगम की तरफ से स्मार्ट मीटर सभी जगह नहीं लग पाया है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर से यह सुविधा मिलती है
स्मार्ट मीटर पूरी तरह से हाईटेक और कंप्यूटरीकृत है। उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से अपने मीटर की मॉनिटरिंग कर सकता है। ये मीटर प्री-पेड होते हैं। बिजली उपभोक्ता मोबाइल फोन की तरह इन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज कर सकता है। उन्होंने बताया कि हर मीटर का कंट्रोल बिजली निगमों के पास रहेगा। मीटरों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा ये मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की मीटर खराब होने या अधिक स्पीड से चलने जैसी शिकायतें भी न के बराबर होंगी।
बिजली निगम की तरफ से स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जा रहा है। जैसे ही हमारे पास मीटर की सप्लाई आएगी तो हम पूरे पंचकूला में इसे लगवा देंगे। - संजीव सिवाच, एक्सईएन, उत्तरी बिजली वितरण निगम, पंचकूला