जांच कमेटी के सदस्य हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ वीरेंद्र पूनिया ने बताया कि एचएसपीसीबी (हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) ने घग्गर नदी में डंपिंग स्टे से लीचेट के निर्वहन के लिए नगर निगम पर 10 जुलाई 2021 से 31 दिसंबर 2022 तक 5 लाख रुपये प्रति माह की दर से जुर्माना लगाया है। उन्होंने यह भी बताया कि एचएसपीसीबी ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यूएलबीडी से नगर निगम के अधिकारियों के नाम और उनकी पोस्टिंग की अवधि का विवरण मांगा है।
बारिश के पानी के साथ घग्गर में मिलता है लीचेट
वीरेंद्र पूनिया ने बताया कि जांच में साबित हुआ है कि डंपिंग साइट से निकलने वाला लीचेट बारिश के पानी के साथ घग्गर नदी में मिल जाता है। इससे पानी बहुत ज्यादा प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने प्रदूषण का पैरामीटर निर्धारित से बहुत ज्यादा होने के कारण एक जुलाई 2022 से 31 अगस्त 2022 तक 5 लाख रुपये प्रति महीना का जुर्माना लगाने की जानकारी मीटिंग में दी।
बार-बार निर्देश के बावजूद बाउंड्री वॉल नहीं बनाई
एचएसपीसीबी के आरओ ने यह भी बताया कि पिछली कई बैठकों में नगर निगम को डंपिंग ग्राउंड की बाउंड्री वाल बनाने को कहा गया था। मगर वह नहीं बनाई गई। इससे लावारिस पशु उसमें घुस जाते हैं। मीटिंग में एडिशनल प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान फैसले के तहत सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल प्लांट सही जगह पर स्थापित नहीं किया गया है। यह वन्य जीव क्षेत्र, वन या नगर निगम क्षेत्र से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी पर होनी चाहिए।
डीएफओ बोले- तोड़े गए नियम
मीटिंग में जिला वन अधिकारी भूपेंद्र सिंह राघव ने बताया कि नगर निगम ने अवैज्ञानिक तरीके से ठोस कचरे को डंप किया है। वन भूमि के हस्तांतरण के लिए आवश्यक शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग नियमों का पालन करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर रहा है।
समिति ने माना, निगम ने नहीं दिखाई गंभीरता
समिति ने अपनी जांच में माना कि नगर निगम की गतिविधियां संतोषजनक नहीं हैं। साथ ही यह भी माना कि नगर निगम ने अपने स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाई। साथ ही समिति ने नगर निगम को वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निष्पादन करने के निर्देश दिया है।
एचएसपीसीबी अध्यक्ष ने दिया निर्देश
इसी मामले को लेकर 17 अक्तूबर को हुई समिति की बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष ने नगर निगम द्वारा उठाए कदमों और प्रगति पर असंतोष जाहिर किया। इसके अलावा उन्होंने नगर आयुक्त पंचकूला और बोर्ड के आरओ को विशेष कदम उठाने के निर्देश दिया है।
बोर्ड अध्यक्ष ने दिए ये आदेश
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुरुक्षेत्र की विशेष पर्यावरण न्यायालय में शिकायत दर्ज कराएंगे।
निगम पर जुर्माने के फैसले को लागू कर जुर्माना लगाएंगे।
संबंधित अधिकारियों को प्रदूषण की गतिविधियां को तुरंत रोकने के निर्देश देंगे।
नगर निगम को कूड़ा निस्तारण के लिए तत्काल वैकल्पिक स्थल की तलाश करनी चाहिए।
नई साइट पर कूड़ा निस्तारण संयंत्र स्थापित करने से पहले संबंधित सभी विभागों से अनुमति प्राप्त करनी चाहिए।
डंपिंग ग्राउंड के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनानी होगी ताकि लावारिस घूमने वाले और जंगली जानवर वहां प्रवेश न कर सकें।
उचित तरीकों और रसायनों का उपयोग करके गंध को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाए।
वर्तमान स्थल से कचरा हटाने के लिए नगर निगम को अतिरिक्त मशीनें लगानी चाहिए।
समिति ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट एनजीटी को सौंप दी है। इसमें आगामी कार्रवाई एनजीटी के आदेशानुसार की जाएगी। इससे ज्यादा इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा सकती।
- वीरेंद्र पूनिया, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
मुझे नगर निगम पर हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा जुर्माना लगाए जाने की कोई जानकारी नहीं हैै। - कुलभूषण गोयल, मेयर, नगर निगम।