चंडीगढ़। वीसी की ओर से शुक्रवार को डॉ. तरुण घई की सीनेट सदस्यता रद्द करने के आदेश के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में डॉ. तरुण घई ने चांसलर दफ्तर को पत्र लिखकर मामले में स्वतंत्र एजेंसी की ओर से जांच करवाने की मांग की है। साथ ही जब तक जांच नहीं होती, तब तक पीयू वीसी के निलंबन की मांग रखी है। डॉ. तरुण घई सोमवार सुबह 9 बजे से 24 घंटे के लिए वीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन पर बैठेंगे।
पंजाब यूनिवर्सिटी का सीनेट के मसले सुलझने की बजाय और अधिक उलझे जा रहे हैं। अब सीनेट की नोटिफिकेशन में और देरी होने की संभावना है, क्योंकि वीसी की ओर से डॉ. तरुण घई की सदस्यता रद्द करने के आदेश के बाद अब मामले ने तूल पकड़ लिया है। डॉ. तरुण घई ने बताया कि उन्होंने पीयू चांसलर दफ्तर को पत्र लिखा है कि वीसी ने खुद मेरी बर्खास्तगी को गैरकानूनी बताया था और इसको लेकर हाईकोर्ट में एफिडेविट भी दिया था और कॉलेज प्रबंधन की प्रक्रिया को गलत ठहराया था। इसके साथ ही चुनाव के बैलेट पेपर पर नाम को वीसी की ओर से ही मंजूरी दी गई थी। वीसी की ओर से 13 से 14 ऐसे वोटरों को भी अनुमति दी गई, जो पिछले लगभग तीन साल से सेवाएं नहीं दे रहे हैं। इसका मतलब वीसी को सब पता था कि ये गलत है और उन्होंने गलत होने की अनुमति दी या फिर वीसी की तरफ से अब लिया गया फैसला गलत है। यूनिवर्सिटी के महत्वपूर्ण पद पर होकर ऐसे फेरबदल वाले फैसले देना पद की गरिमा के खिलाफ है। इसलिए अपील है कि इस मामले में स्वतंत्र कमेटी बनाकर जांच करवाई जाए और जांच चलने तक वीसी को निलंबित किया जाए।
वीसी को लिखा पत्र, मंगलवार को करेेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन
डॉ. तरुण घई ने एक पत्र पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को भी लिखा है। इसमें उन्होेंने लिखा है कि उनकी कोर्ट की ओर से सीनेट सदस्यता रद्द करने का फैसला अनुचित और तथ्यहीन है। इसलिए वे अन्य शिक्षकों के साथ मिलकर वीसी दफ्तर के बाहर सोमवार सुबह 9 बजे से लेकर मंगलवार सुबह 9 बजे तक 24 घंटे उनके इस फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बैठेंगे।