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पंजाब के अधिकारियों, कर्मचारियों का डेपुटेशन खत्म करना तानाशाही : भगवंत मान

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चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) सांसद भगवंत मान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार पंजाब को उसके अधिकारों से वंचित कर रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब की सदस्यता खत्म करने के बाद मोदी सरकार ने अब पंजाब पुलिस को बांधों की सुरक्षा से हटाने और राज्य के डॉक्टरों को चंडीगढ़ की सरकारी सेवाओं से हटाने का फैसला लिया है। मान ने मोदी से अपील की कि सरकार पहले से पीड़ित पंजाबियों के अधिकारों को लूट कर उन्हें और अधिक परेशान न करे और बांधों सहित चंडीगढ़ में पंजाब के अधिकारों को बहाल किया जाएगा।
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वीरवार को पार्टी मुख्यालय से जारी बयान में भगवंत मान ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लगातार पंजाब विरोधी फैसलों को लागू किया है। कांग्रेस के बाद भाजपा सरकार पंजाब की धरती पर बने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से पंजाब को बाहर करने के फैसले को लागू कर रही है। मोदी सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में पंजाब की सदस्यता को खत्म कर बांधों की सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस बल को भी हटा दिया है। बोर्ड के तीन बांधों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल तैनात करने का फैसला किया है, जबकि बांधों की सुरक्षा पर खर्च किए गए 90 करोड़ रुपये पंजाब सहित हितधारकों से वसूले जाएंगे। मान ने कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले ने एक तरफ पंजाब के युवाओं से रोजगार छीन लिया, दूसरी ओर पंजाब पर सुरक्षा का खर्चा थोप दिया है।
भगवंत मान ने कहा कि मोदी सरकार ने पंजाब की जमीन पर बने आधुनिक शहर और राजधानी चंडीगढ़ से 112 डॉक्टरों को बाहर कर दिया है। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत पंजाब का 60 प्रतिशत हिस्सा चंडीगढ़ में सभी प्रकार की सेवाओं और प्रबंधन में आरक्षित है, जिसके तहत चंडीगढ़ की पुलिस, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सेवाओं में पंजाब के पुलिसकर्मियों, शिक्षकों, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को डेपुटेशन पर तैनात किया जाता रहा है। मोदी सरकार ने चंडीगढ़ में पंजाब का डेपुटेशन खत्म करने का फैसला लागू कर दिया है, जिस कारण शहर के स्वास्थ्य विभाग से पंजाब के 112 डॉक्टरों को हटा दिया और अन्य राज्यों समेत केंद्र शासित प्रदेशों से डॉक्टरों को भर्ती करने का नोटिस जारी किया है।
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