अब तक 883 लोग डेंगू के हो चुके शिकार
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर में विधानसभा चुनाव के चक्कर में कई दिनों से फॉगिंग बंद है। जिसके चलते डेंगू के मच्छर लोगों को बीमार कर रहे हैं। वर्तमान में पंचकूला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का लारवा कम मिलने के बावजूद डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। बुधवार को 18 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें आठ मामले अर्बन क्षेत्र से हैं और दस रूरल एरिया के हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ब्रिडर चेकर समेत 150 कर्मचारियों की तैनाती कर रखी है, लेकिन फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। फॉगिंग न होने पर संक्रमण दर पंचकूला में बढ़ती जा रहा है। सबसे ज्यादा मामले अभयपुर, बुढ़नपुर, ओल्ड पंचकूला से सामने आए हैं।
बुखार होने पर स्वयं से दवा न लें, अस्पताल में दिखाएं
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। समय से इसे न रोका जाए तो यह महामारी का रूप ले सकता है। मच्छरजनित बीमारियां डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, फाइलेरिया, दिमागी बुखार आदि को रोकने के लिए सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी है। ठोस उपायों से न केवल डेंगू के खतरे को कम किया जा सकता है, बल्कि अन्य मच्छर जनित बीमारियों से भी बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार होने पर स्वयं से दवा न लें न ही किसी अशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराएं, बल्कि नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से जांच व इलाज कराएं और चिकित्सक की सलाह का पालन करें।