चंडीगढ़। हरियाणा में 3206 पदों की भर्ती में इंस्ट्रक्टर की परीक्षा के परिणाम व नियुक्ति पर रोक लगाने की एक मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका में विभिन्न आवेदकों ने हाईकोर्ट को बताया कि 5 दिसंबर 2019 को इस भर्ती के लिए चंडीगढ़ के सेंटर में परीक्षा हुई थी। इसका पेपर लीक हो गया था और इस बाबत चंडीगढ़ पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था। याची ने अपील की कि इस परीक्षा को रद्द करने का आदेश दिया जाए। सुनवाई के दौरान सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि जिस सेंटर का नाम लिया जा रहा है वहां तो परीक्षा हुई ही नहीं थी। इस जवाब पर कोर्ट ने सरकार को एक हलफनामा दायर कर पक्ष रखने का आदेश दिया है।
इससे पहले कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि हरियाणा सरकार के कौशल विभाग मंत्रालय की ओर से 3206 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन को मंत्रालय में अनुबंध के आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारियों ने चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि वह अनुबंध आधार पर 2011 में चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्त हुए थे। हरियाणा की रेगुलराइजेशन पॉलिसी का तीन वर्ष पूर्ण न होने के चलते वह हिस्सा नहीं बन सके थे। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए परीक्षा आयोजित करने की छूट दे दी थी लेकिन भर्ती आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी थी। ॉ
अब हरियाणा सरकार व चयन प्रक्त्रिस्या में शामिल आवेदकों ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए रोक को हटाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब सरकार नियमित भर्ती कर रही है तो अनुबंध के आधार पर नियुक्त व्यक्ति कैसे इस पर रोक लगाने की मांग कर सकता है। यह मांग तभी की जा सकती है जब उनके स्थान पर अनुबंध पर नियुक्ति की जा रही हो। हाईकोर्ट ने इन टिप्पणियों के साथ अर्जी को मंजूर करते हुए भर्ती से रोक हटा दी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यह भर्ती इस याचिका के अंतिम फैसले पर निर्भर होगी।