चंडीगढ़। भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की आदमपुर में घेराबंदी करने में कांग्रेस जुट गई है। राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ पूर्व सांसद जयप्रकाश जेपी ने मोर्चा संभाला हुआ है। बिश्नोई के साथ ही भाजपा को हिसार और कैथल जिले में कमजोर करने की कोशिश है।
बिश्नोई कांग्रेस को छोड़कर ही भाजपा में गए हैं। राज्यसभा चुनाव में उनके क्रास वोटिंग करने से ही कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन की हार हुई। कुलदीप ने नेता प्रतिपक्ष हुड्डा को आमदपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती तक दे डाली। आदमपुर में छह महीने के भीतर उपचुनाव होना है, ऐसे में कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है। भाजपा नेताओं को तोड़कर कांग्रेस में लाने का काम शुरू कर दिया गया है।
सोमवार को चंडीगढ़ में दीपेंद्र और जेपी ने कलायत से पूर्व विधायक बनारसी दास वाल्मीकि, आदमपुर से सुखबीर डूडी (पूर्व चेयरमैन), भाजपा नेता सोमबीर लांबा, भाजपा की टिकट के प्रबल दावेदार रहे ओबीसी नेता हनुमान वर्मा, आरएसएस प्रचारक कुलदीप काजला, भाजपा किसान मोर्चा के नेता रमेश कुमार, मंडल अध्यक्ष, दर्जनों पार्षदों, सरपंचों, कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए कार्यकर्ताओं समेत अनेक नेताओं-कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। आदमपुर और हिसार से लगातार कांग्रेस में हो रही जॉइनिंग पर दीपेंद्र ने दावा किया कि आने वाले उपचुनाव में कांग्रेस की जीत होगी। आदमपुर में जिस तरह से लोगों का रुझान और समर्थन कांग्रेस को मिल रहा है, वह बताता है कि पूर्व विधायक से हलके की जनता खासी नाराज है। उनकी कार्यशैली और हलके में उनकी गैर-मौजूदगी से जनता में रोष है। उन्होंने हलके के विकास के बारे में न कभी कोशिश की और न ही कभी संघर्ष किया। यही वजह है कि आदमपुर में आधारभूत सुविधाओं के लिए लोग तरस रहे हैं। सड़कों में गड्ढे और जलभराव जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं।