चंडीगढ़। गुरुग्राम के विजय बत्रा हत्याकांड मामले में आरोपी मनीषा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है। इससे पहले उन्हें अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे अब नियमित कर दिया गया है। एफआईआर के अनुसार 22 फरवरी 2019 को धीरज ने पुलिस को सूचना दी कि विजय बत्रा ने उसे मिलने बुलाया था। जब वह पहुंचे तो पाया कि विजय बत्रा गाड़ी में घायल पड़े हैं। उनकी गाड़ी पर हमला हुआ था और उन्हें दो गोलियां लगीं थीं। धीरज उन्हें मेदांता अस्पताल लेकर गए जहां विजय बत्रा की मौत हो गई। इस दौरान एसआई करतार सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे। पुलिस को बताया गया कि गैंगस्टर कौशल ने विजय बत्रा से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी और न देने की सूरत में हत्या की धमकी दी थी।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मनीषा का नाम सामने आया। याची ने कहा कि वह 15 मई 2019 को दुबई से लौटी। जब हत्या हुई वह दुबई में थी। उसे 2 जून 2019 को पुलिस ने गिरफ्तार किया। याची ने कहा कि अंतरिम जमानत मिलने के बाद उसने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया। इस मामले में 78 गवाह हैं और अभी एक की भी गवाही नहीं हुई है। ट्रायल पूरा होने में वक्त लगेगा ऐसे में उसे नियमित जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने इन परिस्थितियों को देखते हुए याची को दी गई अंतरिम जमानत को नियमित कर दिया है।