चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस विभाग में कार्यरत ग्रुप डी कर्मियों के उत्पीड़न की शिकायत गृहमंत्री अनिल विज के पास पहुंच गई है। आईआरबी तृतीय बटालियन गुरुग्राम में धोबी के पद पर कार्यरत कर्मी के आत्महत्या की कोशिश करने से मामले ने अधिक तूल पकड़ लिया है। सेवा नियमों के बजाय ग्रुप-डी कर्मियों पर पुलिस मैन्युअल लागू किए जाने से मामला और गंभीर हो गया है। हाजिरी रजिस्टर के बजाय रोजनामचे में लगवाने और 8 की जगह 14 घंटे की ड्यूटी लेने पर अनेक सवाल उठ रहे हैं।
आत्महत्या की कोशिश करने वाले कर्मचारी सहित अन्य कर्मियों के अभिभावकों ने भी विज से मुलाकात कर दोषी पुलिस अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सर्व कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गृहमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर कड़े कदम उठाने का आग्रह किया है। साथ ही उच्च पुलिस अधिकारियों के ग्रुप-डी कर्मियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने पर नाराजगी जताई है। सर्व कर्मचारी संघ व चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी यूनियन धोबी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर 5 मई को गुरुग्राम में प्रदर्शन करेंगे।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, मुख्य संगठनकर्ता धर्मबीर व उपाध्यक्ष सुरेश नौहरा ने कहा कि ग्रुप-डी कर्मियों के साथ अमानवीय व्यवहार किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कर्मियों की ओर से लगातार इसकी शिकायतें मिल रही हैं। ग्रुप डी कर्मचारियों को पुलिस कर्मियों को मिलने वाले विशेष जोखिम भत्ता व अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा। इन्हें राजपत्रित व आकस्मिक अवकाश तक नहीं दिए जा रहे।