चंडीगढ़। शहर के सेक्टरों के बाजारों की पार्किंग में गाड़ी खड़ी के लिए अब शहरवासियों को शुल्क देना होगा। इसके लिए दोपहिया वाहन चालकों को दो रुपये, जबकि चारपहिया वाहन चालकों को पांच रुपये देने होंगे। वहीं, चार घंटे के बाद चारपहिया वाहन चालकों को 20 रुपये देने होंगे। हालांकि, लोगों को पार्किंग में पिक एंड ड्रॉप की सुविधा मिलेगी।
चारपहिया वाहन का चार घंटे बाद शुल्क बढ़ाने के पीछे तर्क है कि लोग कहीं कम रेट समझकर पार्किंग में पूरे दिन के लिए गाड़ी खड़ी कर कब्जा न कर लें। हालांकि, कुछ बाजारों की पार्किंग निशुल्क भी संचालित होंगी। यह प्रस्ताव तैयार कर इसी माह होने वाली सदन की बैठक में लाया जाएगा।
शहर में 89 पेड पार्किंग की तरह नगर निगम सेक्टर के बाजारों की आंतरिक पार्किंग को भी संचालित करना चाहता है। शुक्रवार को नगर निगम के पार्किंग विभाग के प्रभारी अतिरिक्त आयुक्त एसके जैन ने व्यापारियों के साथ बैठक में इसे लेकर उनके सुझाव मांगे। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि कुछ मार्केट कमेटी शुल्क लेकर तो कुछ निशुल्क पार्किंग चलाना चाहती हैं, इसलिए नगर निगम दो तरह का समझौता पत्र तैयार करे। इसके अलावा शुल्क का प्रस्ताव ऐसा हो, जो लोगों की जेब पर भारी न पड़े। सेक्टर-46, 27, 11, 44, 19डी और 35 की मार्केट कमेटी ने कहा कि दुकानदार रुपये इकट्ठा कर पार्किंग चलाएंगे। पार्किंग के लिए लोगों से रुपये नहीं लेंगे। इसके अलावा अनुबंध कम से कम दो साल का होना चाहिए। नगर निगम ने सहमति जताते हुए प्रस्ताव को अंतिम मुहर के लिए सदन में लाने का आश्वासन दिया है। इससे पहले निगम ने बीते 4 अगस्त को 18 मार्केट के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनके सुझाव जानने के साथ एक समझौता पत्र थमा दिया था, जिसका व्यापारियों ने विरोध कर दिया था।
ये हैं निगम की शर्तें
- निगम मार्केट कमेटी के साथ दो साल के लिए समझौता करेगा, एक साल का बढ़ाया जा सकता है
- मार्केट में आने वाले लोगों से कमेटी शुल्क ले सकेगी
- पार्किंग फीस की शिकायत पर निगम किसी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा
- पार्किंग में कमेटी के सदस्य और वहां आने वाले ग्राहक ही गाड़ी खड़ी कर सकेंगे
- मार्केट कमेटी पार्किंग का ठेका किसी अन्य व्यक्ति को नहीं देगी, खुद चलाएगी
- दुर्व्यवहार व अव्यवस्था के लिए किसी की जिम्मेदारी तय करनी होगी
- पार्किंग निगम की संपत्ति है। इस पर कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा
- वाहन प्रवेश और निकासी की उचित व्यवस्था करनी होगी
- पार्किंग का संचालन सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक होगा
- निगम के अधिकारी कभी भी पार्किंग का निरीक्षण कर सकते हैं
- निगम कभी भी कमेटी से समझौता खत्म कर सकता है
- पार्किंग में कोई विज्ञापन नहीं लगाया जा सकता है
- पार्किंग में पानी या बिजली कनेक्शन का अलग शुल्क देना होगा
- किसी विवाद की स्थिति में चंडीगढ़ अदालत में निपटारा होगा
वाहन चोरी के लिए निगम-कमेटी जिम्मेदार नहीं
अतिरिक्त आयुक्त एसके जैन और व्यापारियों के साथ बैठक में फैसला लिया गया कि वाहन चोरी की स्थिति में मार्केट कमेटी और निगम की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। वाहन का बीमा अनिवार्य है, ताकि ऐसी किसी भी स्थिति में क्लेम लिया जा सके। ऐसी किसी परिस्थिति में कोई अदालत जाता है तो पार्टी कमेटी बनेगी। पार्किंग में सफाई का काम निगम देखेगा। पार्किंग में आवश्यक मरम्मत कार्य निगम कराएगा।
निगम ने इन मार्केट के प्रतिनिधियों को बुलाया
अश्वनी खन्ना सेक्टर-32डी, चरनजीव सिंह सेक्टर-44डी, सुरेंदर आहूजा सेक्टर-23सी, मोहिंदर सिंह सेक्टर-20 सी, गुरिंदर सिंह, केएन गोसाईं सेक्टर-27 सी, धर्मपाल गर्ग सेक्टर-22 डी, सुरेश बंसल मनीमाजरा, दिवाकर सनूजा सेक्टर-11डी, विजय जोहन सेक्टर-44डी, सुखपाल सिंह सेक्टर-21सी, जगजीत सिंह सेक्टर-19डी, नरेश जैन पालिका मार्केट, नरेंद्र सिंह सदर मार्केट, रामलाल सेक्टर-45बी, संजीव चड्ढा सेक्टर-17डी, इंदरजीत सिंह सेक्टर-19सी, अजय जोशी सेक्टर सेक्टर-22ए, पवन कुमार सेक्टर-21सी और संदीप बंसल सेक्टर-36डी मौजूद रहे।
कोट
मार्केट के व्यापारियों के सुझाव ले लिए गए हैं। इनके आधार पर प्रस्ताव तैयार कर सदन में लाया जाएगा। सदन में जो तय होगा, उसे लागू किया जाएगा।
-एसके जैन, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम