चंडीगढ़। सेक्टर 32 में अवैध पीजी में हुए अग्निकांड मामले में शुक्रवार को मुस्कान के पिता और चाचा की जिला अदालत में गवाही हुई। एडीजे जगदीप सूद की अदालत में आरोपी नितीश बंसल और गौरव अनेजा के वकील ने चाचा से सवाल जवाब किए। दलीलें सुनने के बाद सुनवाई 10 नवंबर तक स्थगित कर दी गई। पुलिस सुरक्षा में पीजी संचालक नितीश बंसल और मालिक गौरव अनेजा अदालत में पेश हुए।
अग्निकांड की भेंट चढ़ी मुस्कान के चाचा से वकील ने पूछा- आपको पता है कि मुस्कान की मौत धुएं से दम घुटने से हुई थी। इस पर चाचा बोले- वह धुआं आग लगने से ही फैला था। अपने बयान में मुस्कान के पिता ने कहा कि नितीश पोपली भी पार्टनर था, लेकिन अदालत में जो साक्ष्य पेश किया गया है, उसमें पार्टनरशिप 2018 में खत्म दिखाई गई है जबकि 2019 में जब उन्होंने जब मुस्कान को पीजी में छोड़ा था, तब नितीश वहां मौजूद था। इसलिए उसका नाम भी इसमें शामिल करने की प्रार्थना की। इस दौरान वार्डन की भी गवाही हुई।
बता दें कि 22 फरवरी 2020 को सेक्टर 32 डी के एक अवैध पीजी में भीषण आग लग गई थी। इसमें मुस्कान मेहता, रिया और पाक्षी ग्रोवर की जलने से मौत हो गई थी।
बेटियां तो पापा की परी होती हैं
हिसार से सुबह 5 बजे चलकर जिला अदालत पहुुंचे मुस्कान के पिता को सरकारी वकील अशोक रोहिल्ला ने हिम्मत दी। कहा कि मैं आपका दर्द समझ सकता हूं, बेटियां तो वैसे भी पापा की परी होती हैं। लेकिन आपको हिम्मत से काम लेना है।
डीएलएसए ने अंतरिम राहत के रूप में दिए थे 3.80 लाख रुपये
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के समन्वयक नील का कहना है कि पीजी अग्निकांड में तीनों छात्राओं के परिजनों को 3.80 लाख रुपये की राहत दी गई थी। इससे पहले रेप और एसिड अटैक के मामलों में इस तरह का मुआवजा दिया जाता था।