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किरकिरी के बाद जागा प्रशासन,कहा- जांच के बाद ही लाएंगे गेहूं

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चंडीगढ़। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत मिले सड़े और कंकड़ वाले गेहूं की रोटी खाकर लोगों के बीमार पड़ने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने अब एफसीआई की उस यूनिट को ही बदलने की मांग की है, जहां से सड़ा हुआ गेहूं आया था। वहीं, जब तक यूनिट नहीं बदलती है, तब तक एफसीआई राजपुरा में खाद्य विभाग के दो अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। साथ ही कहा है कि पूरी जांच के बाद ही गेहूं वितरण होगा।
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बता दें कि अमर उजाला इस मामले को लगातार प्रमुखता से उठा रहा है। यूटी प्रशासन की तरफ से सोमवार को पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया गया। इसमें प्रशासन ने कहा है कि शिकायत के बाद खाद्य व आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने गेहूं के 100 प्रतिशत स्टॉक की जांच की और खराब गेहूं को वापस भेज दिया। साथ ही राजपुरा में दो अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है। अब से इन दोनों अधिकारियों की जांच के बाद ही गेहूं की अगली खेप चंडीगढ़ लाई जाएगी।
प्रशासन की तरफ से यह भी कहा गया है कि विभाग ने एफसीआई पंजाब से एफसीआई की उस यूनिट को बदलने की मांग की है, जहां से पहले सड़ा हुआ गेहूं आया था। विभाग ने कहा है कि उन्हें अन्य कोई एफसीआई की यूनिट आवंटित की जाए, जहां से वह गेहूं उठा सकें। विभाग ने एजेंसी को शोकॉज नोटिस देने के बाद अब कार्रवाई करने का फैसला लिया है। विभाग का तर्क है कि जब एजेंसी को पता था कि गेहूं खराब है तो उन्होंने विभाग को इस बात की जानकारी क्यों नहीं दी। इन सभी मामलों को देखते हुए एजेंसी पर काम में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। स्पष्टीकरण में यह भी कहा गया है कि जिन फूड इंस्पेक्टरों ने अपना काम ठीक से नहीं किया, उन पर भी नोटिस देने के साथ कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा है कि योजना के तहत सभी को बेहतर गेहूं मुहैया कराया जाएगा और लाभार्थियों को उनके घर के नजदीक जाकर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
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कल से फिर शुरू हो सकता है गेहूं वितरण
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार से अनाज वितरण का कार्य फिर शुरू हो सकता है। खाद्य विभाग ने अपने कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। यह वितरण नए स्टॉक व जांच के बाद मिले अच्छे गेहूं के स्टॉक से किया जाएगा। पिछले चार दिन से गेहूं बांटने का काम बंद है। कुछ हफ्ते पहले अनाज बांटने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही खराब गेहूं की शिकायत आने लगी थी। पिछले हफ्ते लोगों का विरोध बढ़ गया था। मनीमाजरा, इंदिरा कॉलोनी, मलोया, डड्डूमाजरा समेत कई इलाकों में लोगों ने खराब गेहूं मिलने की शिकायत की थी। मामले ने तूल पकड़ा तो अफसरों ने शुक्रवार से सभी केंद्रों पर राशन का वितरण रुकवा दिया था।
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