पंचकूला। संसद में पेश होने वाले केंद्रीय बजट से जिले सहित ट्राइसिटी के लोगों को तीन बड़े प्रोजेक्टों की आस है। ये प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी कई सालों से धरातल पर नहीं उतरे हैं। इनमें विश्वविद्यालय, चंडीगढ़-यमुनानगर रेल मार्ग और चंडीगढ़-बद्दी रेल मार्ग शामिल हैं।
केंद्रीय बजट से विश्व विद्यालय की है आस
पंचकूला को पेरिस बनाने का सपने पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल, भजनलाल और मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिखाया है, लेकिन शिक्षा के मामले में आज भी पंचकूला शहर, चंडीगढ़ पर निर्भर है। हरियाणा के इस हाई प्रोफाइल शहर के लोग केंद्रीय बजट से केंद्रीय यूनिवर्सिटी की आस लगाए बैठे हैं। - सुभाष पपनेजा, सेक्टर-16 निवासी
15 सालों का इंतजार खत्म होने की उम्मीद
चंडीगढ़-बद्दी के बीच रेलवे लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट की साल 2007 में घोषणा हुई थी। 15 साल गुजर जाने के बाद भी अब तक यह घोषणा सिरे नहीं चढ़ पाई है। इस प्रोजेक्ट का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। केंद्रीय बजट के दौरान इस प्रोजेक्ट पर भी कोई बड़ा एलान हो सकता है। इस बात के कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि हिमाचल प्रदेश व हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया है। यह रेल मार्ग औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक होगा। - एसके नैय्यर, सेक्टर-15 निवासी
बजट में चंडीगढ़-यमुनानगर रेल मार्ग की उम्मीद
चंडीगढ़-नारायणगढ़-यमुनानगर रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम वर्षों से फाइलों में चल रहा है। वर्ष 2013-14 में रेलवे की तरफ से इस प्रोजेक्ट का जिक्र बजट सत्र में किया गया और इसके सर्वे के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट भी रखा गया। उस समय इस रूट पर 91 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की अनुमानित लागत 875 करोड़ के करीब थी। निर्माण का आधा खर्च राज्य सरकार और आधा खर्च रेलवे मंत्रालय को उठाना था। बावजूद इसके नौ साल बीतने के बाद भी इस प्रोजेक्ट को बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। इस बजट से प्रोजेक्ट के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। - सुनील जैन, सेक्टर-11 निवासी