हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा सरकार ने 15 हजार निजी स्कूलों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें स्कूल शिक्षा बोर्ड भिवानी से आठवीं की परीक्षा के लिए पंजीकरण नहीं कराना होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर बोर्ड के फैसले पर रोक लगा दी। स्कूल संचालकों व संगठनों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। उसके बाद विभाग हरकत में आया।
निजी स्कूलों की मांग पर सरकार ने आठवीं की बोर्ड परीक्षा एक साल के लिए स्थगित कर दी है। बावजूद इसके शिक्षा बोर्ड निजी स्कूलों पर पंजीकरण कराने का दबाव बना रहा था। जिससे स्कूल संचालक नाराज थे। 23 फरवरी को प्री-बजट बैठक में निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने पूरे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था।
इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पंजीकरण पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। इसके बाद निदेशक मौलिक शिक्षा अंशज सिंह ने शिक्षा बोर्ड के सचिव को पत्र लिख दिया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री से निजी स्कूल संचालकों ने बोर्ड की शिकायत की है। जिसमें कहा गया है कि स्कूलों पर पांच हजार रुपये फीस देकर पंजीकरण का दबाव बनाया जा रहा है। पंजीकरण न कराने पर मान्यता रद्द करने की धमकी दी गई है। इसलिए सरकार के निर्देशानुसार आठवीं की परीक्षा स्थगित होने के कारण बोर्ड पंजीकरण शुल्क ले न ही पंजीकरण के लिए दबाव बनाए।
संज्ञान लेने के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
कुलभूषण शर्मा ने कहा कि अब प्रदेश के किसी भी स्कूल को पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। चाहे वे हरियाणा बोर्ड या सीबीएसई व आईसीएसई से संबंधित हों। निसा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष यह मुद्दा जोरशोर से उठाया था। उसका संज्ञान लेने के लिए निजी स्कूल संचालक उनके व शिक्षा मंत्री के आभारी हैं। इससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।