पंजाब पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-आतंकी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके मुख्य हेरोइन तस्कर तस्कर राजिंदर सिंह उर्फ मिट्ठू ऊर्फ गांजा को जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। राजिंदर 12 करोड़ रुपये के हवाला मामले में वांछित है। इसके अलावा राजिंदर से पूछताछ के आधार पर यूपी के मुजफ्फरनगर से उसके साले चिराग राठी और मुक्तसर से उसके साथी कांस्टेबल करमजीत सिंह को भी धर दबोचा गया है। राजिंदर और चिराग के आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के साथ संबंध भी हैं।
पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि राजिंदर के पास से .32 बोर की पिस्टल और चार कारतूस बरामद हुए हैं। साथ ही रिवरडेल एरोविस्टा, जीरकपुर स्थित उसके फ्लैट से 530 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। राजिंदर के खिलाफ मोहाली में आर्म्स और एनडीपीएस एक्ट के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भी उसके खिलाफ पंजाब के विभिन्न हिस्सों में कई अन्य एफआईआर दर्ज हैं। वह 12 करोड़ रुपये की हालिया हवाला लेनदेन में भी वांछित चल रहा था।
दवा कारोबार में लगाता था पैसा
अमृतसर के रहने वाले हेरोइन तस्कर राजिंदर ने पुलिस को बताया कि वह ड्रग सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसे फरार तस्कर नवप्रीत सिंह ऊर्फ नव दिशा-निर्देश देता था। डीजीपी ने बताया कि राजिंदर ज्यादातर श्रीनगर और दिल्ली से आने वाली ड्रग की खेप पंजाब में आगे वितरित करता था। साथ ही दवा कारोबार से आने वाले पैसे को नवप्रीत को हवाला चैनलों के माध्यम से भेज दिया करता था।
तस्कर की चंडीगढ़, जीरकपुर और अमृतसर में है संपत्ति
राजिंदर सिंह ने यूपी से फर्जी दस्तावेजों की मदद से आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाया था। वह भारत से भागने की कोशिश कर रहा था। डीजीपी ने बताया कि हेरोइन तस्कर ने चंडीगढ़, जीरकपुर और अमृतसर के इलाकों में भी काफी संपत्ति बनाई है। राजिंदर सिंह अमृतसर, कपूरथला और जालंधर (ग्रामीण) में एनडीपीएस के मामलों में वांछित है।