मोरनी। कोरोनाकाल में कोरोना वारियर्स के तौर पर काम कर मरीजों को राहत प्रदान करने वाले आरोग्यम से जुडे़ कर्मचारी वेतन के लिए भटक रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में घर-घर जाकर मरीजों को प्राथमिक उपचार देने वाले इन कर्मचारियों को 9 माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों तक से गुहार लगा चुके हैं। बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
आरोग्यम वाहन चालक जगपाल, कर्मजीत सिंह, दिव्यदीप, नरेन्द्र कुमार, बलजीत सिंह, भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्हें 2021 के फरवरी माह से मौजूदा समय तक का वेतन बकाया नहीं मिला है। उन्होंने कोरोनाकाल में काफी समय पंचकूला के नागरिक अस्पताल के अलावा मोरनी के दूर-दराज के गांवों में घर-घर जाकर भी ड्यूटी दी। वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ रहा है।
दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं पहुंचाई थीं
बता दें कि इलाके के उन गांवों जहां तक एंबुलेंस का पहुंच पाना संभव नहीं था वहां पर मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर स्वास्थ्य केंद्र तक लाने के लिए सरकार की तरफ से आरोग्यम वाहन सेवा शुरू की गई थी। इस सेवा का मोरनी क्षेत्र के मरीजों को पूरा लाभ भी मिल रहा था, लेकिन 9 माह का वेतन नहीं मिलने से इन वाहन चालकों में मायूसी है। सभी कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मामले में संज्ञान लेकर बकाया दिलवाने की मांग की है।
कोट्स....
इन कर्मचारियों का वेतन दिल्ली से आता है। जोकि पिछले काफी समय से नहीं आया है। वह लगातार प्रयासरत हैं। जैसे ही वेतन प्राप्त होगा सभी को दे दिया जाएगा।
-सविता अग्रवाल, जिला रेडक्रॉस अधिकारी