पंचकूला। समाज सेवी संस्था श्री मथुरादास लाजवंती सुभाष हितैषी फाउंडेशन की एक बैठक हुई। इसमें देशभर में लावारिस कुत्तों की गंभीर समस्या के हल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित सभी सांसदों को पत्र लिखकर कानून में संशोधन की मांग की गई है। हितैषी फाउंडेशन के चेयरमैन भारत हितैषी ने बताया कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, समस्त सांसदों, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, गृहमंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर मांग की गई है कि इस कानून में तुरंत प्रभाव से संशोधन किया जाना जरूरी है, ताकि लावारिस कुत्तों के काटने से होने वाली इस गंभीर बीमारी से बचा जा सके।
फाउंडेशन के मुख्य मार्गदर्शक एसके शर्मा, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर बीके गुप्ता ने बताया कि जानवरों पर अत्याचार अधिनियम 1960 के प्रावधानों के कारण हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की पहल पर सुखदर्शनपुर में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से बने डॉग केयर पौंड में पंचकूला के लावारिस कुत्तों को रखने में कानूनी अड़चन आई है। हितैषी ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि लावारिस कुत्तों के प्रति पूर्ण रूप से संवेदनशील हैं। चाहते हैं कि इन कुत्तों का अच्छा व्यवस्थित ढंग से पुनर्वास हो सके।
लावारिस कुत्तों को गोद लेने का प्रावधान हो
फाउंडेशन के वित्त सचिव प्रेम लाल गुप्ता, संगठन सचिव सुभाष शर्मा, मार्गदर्शक अमित गुप्ता, कुसुम अरोड़ा, एसपी विज, एनके खोसला ने बताया कि पत्र में मांग की है कि 1956 के गोद लेने के कानून में संशोधन करके लावारिस कुत्तों को गोद लेने का प्रावधान किया जाना चाहिए। विदेशों की तर्ज पर शहर में आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए सेंटर बनाए जाने चाहिए तथा सरकार द्वारा आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
गोद लेने वाले नागरिकों द्वारा कुत्तों को खाना देने के अलावा सभी प्रकार के इलाज में टीकाकरण की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। फाउंडेशन के प्रोजेक्ट प्रभारी दिनेश सिंगला, शिव कुमार वर्मा, आरके शर्मा, रवीश गौतम, ध्रुव वशिष्ठ ने मांग की कि जब भी कोई कुत्तिया पिल्लों को जन्म देती है, तो उन पिल्लों और उनकी मां को कम से कम एक महीना डॉग केयर सेंटर में रखकर उनकी देखभाल की जानी चाहिए। फाउंडेशन के संरक्षक बीएम कौशिक ने भारत सरकार से मांग की है कि देश के प्रत्येक शहर में डॉग केयर सेंटर्स का निर्माण सुनिश्चित किया जाए और नसबंदी अभियान में समयबद्ध तेजी लाई जाए।
भारत हितैषी ने आशा व्यक्त की कि भारत सरकार द्वारा कानून में संशोधन कर लावारिस कुत्तों के पुनर्वास गोद लेने की प्रक्रिया, निशुल्क इलाज एवं टीकाकरण को सुनियोजित व्यवस्थित तरीके से क्रियान्वित करवा लिया जाता है, तो देश भर में लावारिस कुत्तों की इस गंभीर समस्या से अवश्य निजात मिल सकती है।