रायपुररानी। हंगोला के भूमि विवाद को लेकर दलित बुजुर्ग सहित कई लोगों को थाने बुलाकर पुलिस की ओर से पीटने के मामले में एसीपी नेहरा ने प्रशासनिक अमले व पुलिस बल के साथ हंगोला में निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच की। इस दौरान लोगों ने रोष जताते हुए एसीपी से दोषियों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत पर केस दर्ज करने व उन्हें सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह पुलिस अधिकारियों पर लाइन हाजिर की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
वहीं, मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने शामलात जमीन के बारे विस्तार से बताया। इस दौरान मौके पर एकत्रित हुए सैकड़ों ग्रामीणों को एसीपी ने सोमवार को अपने दस्तावेज पेश करने के लिए ऑफिस बुलाया। इस मौके पर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अमन कुमार, महमूद खान, रायपुररानी तहसीलदार वरिंद्र गिल, नायब तहसीलदार श्याम सुंदर सहित बीडीपीओ कार्यालय से भी कर्मचारी उपस्थित रहे।
ये है मामला
शुक्रवार को रायपुररानी थाना में ग्रामीणों को पंचायत के लिए बुलाए जाने व थाना में ही पुलिस प्रभारी व अन्य कर्मचारियों की ओर से दलित बुजुर्ग सहित कई समाज के कई लोगों को पीटा गया। इसके बाद लोगों के विरोध के बाद शुक्रवार रात को मौके पर पहुंचे एसीपी विजय नेहरा ने प्रभारी यशदीप सहित एक एएसआई को लाइन हाजिर किया था।
गृहमंत्री अनिल विज और डीजीपी से मांगा इंसाफ
दलित समाज के लोगों ने कहा कि वह पूरे मामले को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज व डीजीपी हरियाणा से भेंटकर न्याय की मांग करेंगे। लोगों ने कहा कि एक्ट के अनुसार आम आदमी पर तुरंत कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया जाता है तो पुलिस कर्मचारियों पर मेहरबानी क्यों की जा रही है। लोगों ने बताया कि हमने लिखित में शिकायत दर्ज करवा थाना प्रभारी यशदीप, उसके सहयोगियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने व एससीएसटी एक्ट अनुसार केस दर्ज करने की मांग की है, लेकिन अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।