आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने अपनी सरकार की एक्साइज पॉलिसी का विरोध कर रहे सियासी दलों पर जोरदार पलटवार करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी और सरकार के सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने सूबे के सियासी दलों के ऐसे नेताओं का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है, जो शराब की अवैध फैक्ट्रियों के अलावा सूबे की डिस्टिलरियों में गुपचुप हिस्सेदारी करके शराब के कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस संबंध में सरकार ने एक्साइज विभाग और पुलिस को रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश जारी किए हैं। उसके साथ ही शराब की तस्करी और गैर-कानूनी कारोबार पर तेजी से कार्रवाई शुरू करने को कह दिया है।
गौरतलब है कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान आम आदमी पार्टी ने ही शराब के अवैध कारोबार और उसमें कांग्रेस व अकाली नेताओं की संलिप्तता के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था। जून 2021 में बादल गांव में अवैध शराब का कारखाना पकड़े जाने के बाद आप नेताओं ने कैप्टन सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करते हुए लंबी थाने का घेराव और मलोट-दिल्ली हाईवे जाम किया था। उस समय यह आरोप लगे थे कि कांग्रेस के कई नेता अवैध शराब के कारोबार में लगे हैं और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह उनका बचाव कर रहे हैं। यह मामला इसलिए भी गरमाया क्योंकि उसी दौरान पंजाब में अवैध शराब पीने के कारण एक सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
आप विधायक और किसान विंग के प्रधान कुलतार सिंह संधवां ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस और अकाली दल के नेता एक साथ मिलकर अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। इसी वजह से गांव बादल में अवैध शराब की फैक्टरी पकड़े जाने पर भी कैप्टन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह मामला यहीं नहीं थमा और कोविड संक्रमण के दौरान राजपुरा में शराब की चार अवैध फैक्टिरयां पकड़े जाने पर भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस मामले को आप विधायक मीत हेयर ने उठाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी अवधि के दौरान सूबे के कई सियासी नेताओं की शराब कारोबार में हिस्सेदारी का मामला भी गरमाया। अब राज्य सरकार ने सभी मामले खोलने और शराब के कारोबार से जुड़े सभी नेताओं पर एक्शन की योजना बना ली है।
अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आबकारी विभाग को गैरकानूनी धंधे के खिलाफ मुहिम चलाने के निर्देश दिए गए हैं। - हरपाल सिंह चीमा, वित्त मंत्री, पंजाब।
अवैध शराब के धंधे से जुड़े लोग नहीं बख्शे जाएंगे
मुख्यमंत्री भगवंत मान स्पष्ट कर चुके हैं कि अवैध शराब के धंधे से जुड़े लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। 2007 से 2022 सूबे में अवैध शराब के कारोबार को सियासी दलों और उनके नेताओं का वरदहस्त प्राप्त रहा है लेकिन अब यह नेता बख्शे नहीं जाएंगे। - मालविंदर सिंह कंग, मुख्य प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी, पंजाब।