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Panchkula News: फर्जी डॉक्टर बन इलाज के नाम पर बुजुर्ग से ठगे 20 लाख रुपये

Wed, 17 Apr 2024 07:55 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
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बुजुर्ग की शिकायत पर सेक्टर-20 थाना में मामला दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी

पंचकूला। फर्जी डॉक्टर बनकर बुजुर्ग को उपचार का झांसा देकर 20 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। सेक्टर-7 थाना पुलिस ने बुजुर्ग की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-7 निवासी रमेश मेहता (71) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 मार्च को वे सेक्टर-9 पंचकूला में कुछ फल खरीदने गए थे। उसके बाद वे अपनी लेक्सस कार के पास खड़े हो गए और उनका हाथ हिलता हुआ देखक एक व्यक्ति उनके पास आया। उसने शिकायतकर्ता को बताया कि उसके पिता का मुंबई के डॉ. रुस्तम से इलाज हुआ था। उसके पिता भी बीमारी से परेशान थे। व्यक्ति ने बताया कि थेरेपी के लिए 8 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद उसने अपने पिता की स्थिति के लिए चमत्कारी परिणाम देखा था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपचार के लिए हामी भर दी। शिकायतकर्ता ने डॉ. रुस्तम से संपर्क किया। डॉ. रुस्तम के नंबर पर संपर्क करने पर हेमंत शर्मा ने फोन उठाया और खुद को डॉ. रुस्तम का सहायक बताया। डॉक्टर रुस्तम हेमंत के साथ शिकायतकर्ता के घर पहुंचे। इसके बाद उन्हें सिगाची थैरेपी (एक प्रकार की कपिंग थैरेपी) देनी शुरू की, जिसमें एक छोटी सी सुई काटने के बाद शंकु के आकार के धातु सिलिंडर का उपयोग कर उनके रक्तप्रवाह से पस तरल निकाला गया। उन्होंने बताया कि उनकी दर 8 हजार रुपये प्रति निकाले गए मवाद तरल पदार्थ है और उन्होंने लेफ्ट आर्म से शुरुआत की। आरोपी ने 26 लाख रुपये का भुगतान करने को कहा

आरोपियों ने उन्हें दिखाया कि केवल बाईं बाजू के खून से सफेद तरल पदार्थ आ रहा है, दाईं से नहीं। उन्होंने 49 बार द्रव निकाला। फिर उन्होंने कहा कि उनका कुल बिल अब 3 लाख 92 हजार रुपये बन गया है। आरोपी ने उनसे पूछा कि क्या वह शरीर के अन्य हिस्से के लिए भी ऐसा करना चाहते हैं, जहां दर्द है। फिर उसने ऊपरी पीठ से बाईं ओर से शुरुआत की और दिखाया कि रक्त से पस का तरल पदार्थ केवल बाईं ओर से आ रहा है, दाहिनी ओर से नहीं। उन्होंने 169 बार निकाला और सारा तरल पदार्थ कागज पर रखकर गिना गया। फिर वह बाएं पैर से निकालने लगा। इसके बाद आरोपियों ने उनसे फीस 26 लाख रुपये मांगी।
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20 लाख रुपये का भुगतान किया, भुगतान कैश में लिया

शिकायतकर्ता ने आरोपियों से बातचीत की और कहा कि वे केवल 20 लाख रुपये का भुगतान कर सकते है। आरोपी 20 लाख रुपये लेने के लिए सहमत हो गए, लेकिन सारे पैसे उन्होंने कैश देने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने 20 लाख रुपये कैश में आरोपियों को दे दिए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों से कहा कि उन्हें उपचार का कोई परिणाम नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया, वह दवाएं भेजेंगे जो उन्हें 15 दिन तक खानी होंगी। इसके बाद उन्हें कुछ आयुर्वेदिक दवाएं मिलीं और कुछ समय तक लेने के बाद भी उन्हें कोई सुधार महसूस नहीं हुआ। उन्होंने सभी को कॉल करने की कोशिश की तो पता चला कि सभी का नंबर कई दिनों से बंद है। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ आरोपियों ने मिलकर 20 लाख रुपये की ठगी की है।
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