पलवल/होडल। जिले में मंगलवार को भी डेंगू से दो महिलाओं की मौत हो गई। इनमें एक पलवल के शिव विहार कॉलोनी में तथा दूसरी मौत हसनपुर के गांव जटौली में हुई। दोनों महिलाओं को निजी अस्पतालों में डेंगू की पुष्टि की गई थी। पलवल में जिस महिला की मौत हुई, उसे नूंह स्थित नल्लड़ अस्पताल में भर्ती कराने जाते समय रास्ते में हुई। हथीन में बुखार के 14 मरीज मिले हैं।
जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। निजी अस्पतालों में बुखार के काफी मरीज भर्ती हैं। अस्पतालों में मरीजों को बिस्तर तक नहीं मिल रहे हैं। हालात ये हैं कि फरीदाबाद व गुरुग्राम तक के मरीज पलवल के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके अलावा जिला नागरिक अस्पताल में भी बुखार के काफी मरीज भर्ती हैं। पलवल की शिव विहार कॉलोनी में डेंगू से 35 वर्षीय ऊषा नामक महिला की मौत हो गई। सोमवार देर शाम उनकी हालत बिगड़ गई, उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें नूंह स्थित नल्लड़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
वहीं हसनपुर के गांव जटौली में डेंगू से 50 वर्षीय कुकी पत्नी महावीर की मौत हो गई। उन्हें कई दिनों से बुखार था। वह भी निजी अस्पताल में भर्ती थीं तथा जहां डेंगू की पुष्टि करने के बाद उसका इलाज किया जा रहा था। इसके अलावा हसनपुर व होडल के दर्जनों गांव में अभी भी बुखार के काफी मरीज हैं।
चार गांवों में लगाया गया विशेष जांच शिविर
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने चार गांवों में विशेष जांच शिविर लगाकर स्वास्थ्य का परीक्षण किया। शिविरों में कुल 14 मरीजों के बुखार होने की पुष्टि हुई है। यह जानकारी देते हुए प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव छाँयसा में कुल छह मरीज शिविर में आए जिनमें चार मरीजों को बुखार मिला। रनियला खुर्द में कुल 13 मरीज आए जिनमें से 3 मरीजों को बुखार मिला। बहीन में 15 मरीज आए जिनमें से दो को बुखार मिला है। मलाई गांव में कुल 16 मरीज स्वास्थ्य शिविर में आए जिनमें से पांच बुखार के मिले हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि संबंधित गांवों में मलेरिया टेस्ट के लिए ब्लड स्लाइड बनाई गईं हैं। इसके अलावा कोविड टेस्ट, डेंगू टेस्ट एवं प्लेटलेट्स टेस्ट के लिए नमूने लिए गए हैं। सभी को लैब में भेजा गया है।