संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव मीसा में प्रशासनिक लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। गांव के जोहड़ की सफाई न होने से बने गंदगी के दलदल में एक तीन वर्षीय बच्ची फंस गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्ची, समीप बनी दुकान से टॉफी लेने गई थी। किसी तरह बच्ची ओवरफ्लो जोहड़ में फिसल गई और दलदल में फंसने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बच्ची की मौत का जिम्मेवार पंचायत विभाग को ठहराया है। परिजनों का कहना है कि दर्जनों बार जोहड़ के सफाई की शिकायत की गई, परंतु पंचायत विभाग ने समस्या का संज्ञान नहीं लिया। हालांकि मामले में पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है।
गांव मीसा निवासी सतबीर ने बताया कि वह बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार कर रहा था। इसी दौरान उसकी व उसके भाई की बेटी दुकान पर टॉफी लेने के लिए चली गईं। वह बच्चों को स्कूल छोड़ने चला गया। उसकी बेटी तो घर पहुंच गई, लेकिन भाई की तीन वर्षीय बेटी मेहर घर नहीं आई। उन्होंने बच्ची की तलाश शुरू की। घर से दुकान के रास्ते में बने पार्क के आसपास तलाश किया तो पार्क के पास जोहड़ में बनी दलदल में बच्ची का टोपा नजर आया। वह बांस की सिटी की मदद से जोहड़ की दलदल में घुसा और गंदगी को हटाकर देखा तो बच्ची दलदल में फंसी हुई थी। उसने तुरंत उसे बाहर निकाला और देखा तो बच्ची की मौत हो चुकी थी। बच्ची का शव देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया। मामले में कोई शिकायत नहीं दी गई है।
शिकायतों के बावजूद नहीं की गई सफाई
मृतक बच्ची के पिता लोकेश ने बताया कि जोहड़ की ग्राम पंचायत द्वारा आज तक कभी सफाई नहीं कराई गई, जिससे जोहड़ में गंदगी का दलदल बना हुआ है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जोहड़ ओवरफ्लो है। बारिश के मौसम से तो जोहड़ का पानी गलियों में भर जाता है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण उसकी बच्ची की मौत हुई है।