होडल/पलवल। जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। हथीन के गांव चिल्ली, स्वामीका और मठेपुर, छांयसा में बुखार के मरीज दिनोंदिन बढ़ रहे हैं, वहीं होडल उपमंडल में भी बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। सौंदहद गांव में सोमवार को बुखार से तीन माह की बच्ची की मौत हो गई। इस गांव में अभी भी 100 से अधिक बुखार के मरीज हैं। लगातार बढ़ रहे बुखार को देख स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिन गांवों में बुखार के मरीज मिल रहे हैं, उन गांवों में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमें जाकर मरीजों की जांच कर रही हैं। साथ ही उन्हें दवाइयां दी जा रही हैं। फॉगिंग भी करवाई जा रही है।
उधर, पलवल जिला नागरिक अस्पताल में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नागरिक अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में बुखार के सर्वाधिक मरीज हैं। निजी अस्पतालों में तो बिस्तर ही उपलब्ध नहीं हैं। बुखार का प्रकोप सबसे ज्यादा बच्चों को जकड़ रहा है। सोमवार को भी जिला नागरिक अस्पताल में बुखार से ग्रस्त 50 से अधिक मरीजों की ओपीडी में जांच की गई। जबकि, करीब एक दर्जन बच्चों को भर्ती किया गया है। अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की खासकर बच्चों की देखरेख में लगे हैं। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर बुखार के मरीजों को हर संभव उपचार देने के आदेश जारी कर दिए हैं।
गांव में पांच बच्चों की जा चुकी है जान मौत
सोमवार को रमेश की तीन माह की बच्ची की बुखार से मौत के बाद अब तक गांव में पांच बच्चों की जान जा चुकी है। रमेश ने बताया कि शनिवार को उनकी बेटी को बुखार आया था। इसके बाद उसका होडल स्थित उपमंडल नागरिक अस्पताल में इलाज करवाया गया तथा बाद में घर लाया गया। सोमवार को हालत ज्यादा खराब हो गई और उसकी मौत हो गई।
आराम नहीं मिलने पर बच्चों को ले जा रहे निजी अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल पलवल में बुखार से ग्रस्त बच्चों को लाभ नहीं मिलने पर उनके परिजन निजी अस्पतालों में ले जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि तीन-तीन दिन के बाद भी बुखार नहीं उतर रहा है। सरकारी अस्पताल में दी जाने वाली दवाएं पर्याप्त नहीं हैं। उनके बच्चों को कोई फायदा नहीं मिल रहा। चिल्ली गांव के तीन बच्चों को भी निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहीं, सोमवार को भी दो बच्चों को डिस्चार्ज करवाकर निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
घर-घर जाकर रक्त के सैंपल ले रहीं टीमें
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मरीजों के रक्त का सैंपल ले रही हैं। इसके साथ ही मरीजों को दवाएं भी दी जा रही हैं। उनके परिजनों को भी बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। सभी नागरिक अस्पतालों में बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। बुखार के मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल में ही रक्त की जांच करानी चाहिए। इसके लिए हर तरह की व्यवस्था है। सौंदहद में भी विभाग पूरा ध्यान दे रहा है। फिर भी स्वयं देखूूंगा।
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गांव सौंदहद में बुुखार तेजी से फैल रहा है। इस तरफ स्वास्थ्य विभाग का कोई ध्यान नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं है। बुखार को देखते हुए गांव में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- नरवीर, ग्रामीण
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बुखार से अब तक पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। हालात ये हैं कि हर गांव में बुखार के मरीज हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उपचार की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
- संजय, ग्रामीण
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गांव में मरीजों की जांच के साथ-साथ उनके परिजनों की भी जांच कराई जाए। गांव में अधिकांश मरीज डेंगू से ग्रस्त है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग मानने को तैयार नहीं है। इस तरफ ध्यान दिया जाए।
- सुभाष, ग्रामीण