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बिहार में शराब तस्करी में पकड़ी गई एसपी की गाड़ी

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पलवल। बिहार के अरवल जिला में शराब तस्करी में पकड़ी गई पलवल एसपी की गाड़ी के मामले में जिला पुलिस ने प्रेसवार्ता का आयोजन कर स्पष्टीकरण दिया है। डीएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने कहा कि शराब तस्करी में पकड़ी गई गाड़ी को पुलिस ने तीन साल पहले नीलामी के दौरान बेच दिया था, खरीदार ने गाड़ी को अपने नाम नहीं करवाया और गाड़ी को किसी और व्यक्ति को बेच दिया। नीलामी की कार्रवाई उपायुक्त कार्यालय के माध्यम के जाती है, इसलिए पुलिस विभाग का इससे कार से कोई संबंध नहीं है। बिना गाड़ी को नाम करवाए चलाना कानूनी अपराध है, जिसके चलते खरीदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, बिहार के अरवल जिला के मेंहदिया थाना अंतर्गत शनिवार को एक स्विफ्ट डिजायर कार ट्रैक्टर की टक्कर से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर मेंहदिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो कार से 300 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। मौके से कार चालक फरार मिला। पुलिस ने जांच की तो कार पलवल एसपी के नाम से रजिस्टर मिली। मेंहदिया थाना पुलिस ने कार मालिक व अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 के मार्च में पुलिस की पुरानी गाड़ियों की नीलामी की गई थी। नीलामी के तहत एसपी पलवल की गाड़ी को हिसार निवासी अमित कुमार को एक लाख 42 हजार रुपये में बेचा गया था। नीलामी के दौरान कानूनी प्रक्रिया अपनाई थी। नीलामी के कागजात आज भी पुलिस रिकॉर्ड में जमा है। नीलामी का कार्य उपायुक्त कार्यालय द्वारा किया जाता है। कार्यालय की तरफ से नीलामी पत्र भी जारी कर दिया गया है। कार खरीदार अमित कुमार ने गाड़ी को अपने नाम नहीं करवाया, जिससे तीन साल से गाड़ी पलवल एसपी के नाम से चल रही है, जिसके लिए खरीदार पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि एसपी के नाम पर गाड़ी का पंजीकरण होने के चलते पिछले तीन साल शराब तस्कर बड़ी आसानी से शराब तस्करी का कार्य कर रहे थे। हालांकि मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। गिरफ्तारी होने के बाद मामले का खुलासा हो पाएगा।
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