पलवल। शहर थाना अंतर्गत पातली गेट में एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। महिला के परिजनों ने ससुराल पक्ष द्वारा जहर देकर आत्महत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों ने महिला का शव राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। डीएसपी के आश्वासन पर करीब सवा घंटे बाद जाम खोल दिया गया।
भवन कुंड चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर विनोद देशवाल के अनुसार पलवल की शिव कॉलोनी निवासी रवि ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी बहन निशा उर्फ नीतू की शादी पातली गेट निवासी दीपक के साथ सात दिसंबर 2007 को हुई थी। शादी में दिए गए दहेज से निशा के ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं हुए और शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। बार-बार पंचायती तौर पर समझाया भी गया, लेकिन निशा के ससुराल पक्ष के लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आए। बुधवार रात को उनके पास फोन आया कि निशा की तबीयत खराब है और वह बल्लभगढ़ स्थित निजी अस्पताल में दाखिल है। सूचना मिलते ही वह परिवार के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचा तो निशा की मौत हो चुकी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि निशा को उसके पति दीपक, सास बिमला, ससुर महेंद्र, देवर विशाल व पिंकी ने जहर देकर मारा है। मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करा दिया। मामले में हुई पुलिस कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं हुए और महिला के शव को सरस्वती कॉलेज के सामने रख राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। जाम लगने से राजमार्ग पर वाहनों की कतार लग गई।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, परंतु परिजन नहीं माने। डीएसपी यशपाल खटाना मौके पर पहुंचे तो परिजनों ने मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। खटाना के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। उसके बाद परिजनों ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।