पलवल के अटोहां चौक पर धरना देते किसान
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पलवल। लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान 18 अक्टूबर को रेल रोको कार्यक्रम चलाएंगे। इस दौरान पलवल में रेलमार्ग को जाम किया जाएगा। शनिवार को केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान धरने में किसानों ने यह निर्णय लिया। इस दौरान रेलमार्ग जाम करने को लेकर रणनीति तैयार की गई। ज्यादा से ज्यादा किसानों से रेल रोको कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आह्वान किया गया। गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में अटोहां मोड़ पर जारी धरने की अध्यक्षता चंद्रमुनि धतीर ने की, जबकि संचालन राजकुमार ओहलियान ने किया। शनिवार को धरने में भूडेर पाल के गांव धतीर, घुघेरा, ककराली, अल्लीका, यादुपुर, किशोरपुर, कारना, लालवा सहित अन्य गांवों के किसान शामिल हुए। धरने में लखीमपुर मामले में मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की गई। इस दौरान पिछले 10 माह में किसानों द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि पिछले करीब साढे़ 10 माह में पलवल के किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के सभी आह्वानों को पूरा किया है। पलवल में राष्ट्रीय राजमार्ग, केएमपी-केजीपी व रेल मार्ग को कई बार जाम करने का सफल आयोजन किया गया। इसके अलावा दर्जनों पर प्रदर्शन कर सता पक्ष के नेताओं का भी विरोध किया। आगे भी किसान सभी आह्वानों को पूरा करेंगे। किसान नेताओं कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की हत्याओं के मामले में सरकार की आंख खोलने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा में रेल रोको आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। पलवल में रेल मार्ग रोकने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। सोमवार सुबह भारी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचेंगे। वहीं पर रेल मार्ग जाम की करने की जगह सुनिश्चित की जाएगी। धरने में अच्छेलाल जोधपुर, रणजीत महाशय, हुकम सिंह चौहान, रोशनलाल अल्लीका, इंद्र सिंह रावत ने भजन प्रस्तुत किए। धरने को किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, सोहनपाल चौहान, राजेंद्र बैंसला बड़ौली, बीधू सिंह प्रधान, पंडित नंदराम सरपंच, राजेश रावत बहीन और उदय सिंह सरपंच ने संबोधित किया।