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आज होगी गदपुरी टोल पर महापंचायत, तैयारियां पूरी

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पलवल। दिल्ली स्थित बदपुर बार्डर के टोल बैरियर से मात्र 42 किलोमीटर की परिधि के अंदर गदपुरी में दूसरा टोल बैरियर लगाने का मामला अब काफी तूल पकड़ गया है। 15 अप्रैल से शुरू हो इस गदपुरी टोल को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं खासकर पूर्व विधायकों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं टोल शुरू होने से एक दिन पहले ही गदपुरी टोल पर ही बुलाई गई महापंचायत की कमान भी पूर्व विधायकों ने अपने हाथों में ले ली है तथा महापंचायत में भीड़ जुटा सरकार पर दबाव बनाने के लिए पलवल ही नहीं, बल्कि फरीदाबाद जिले से भी लोगों को लाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए पूर्व विधायकों ने अपने-अपने समर्थकों को गांवों में लोगों को महापंचायत में लाने की जिम्मेदारी दी है। साथ ही खुद भी वे गांवों में लोगों को फोन कर महापंचायत में पहुंचने की बोल रहे हैं। उधर आम लोग भी इस गदपुरी टोल के विरोध में आने लगे हैं।
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लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा गदपुरी में शुरू किया जा रहा यह टोल टैक्स आम आदमी की जेब पर भारी पड़ेगा। पहले ही लोग लगातार पेट्रोल, डीजल व सीएनजी के दाम बढ़ने से परेशान हैं, ऊपर से आने जाने का 315 रुपये का प्रतिदिन का अतिरिक्त खर्च और सरकार ने उनके ऊपर डाल दिया है। इससे महीने का चार हजार रुपये का खर्च बढ़ जाएगा। लोगों ने भी इस टोल को यहां से हटाने की मांग शुरू कर दी है। उधर पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा व पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल का कहना है कि महापंचायत में जो भी निर्णय होंगे, उसकी कापी केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को दी जाएगी। उसके अलावा पलवल व फरीदाबाद जिले में इस टोल के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा तथा सर्वोच्च न्यायालय में इसके खिलाफ याचिका डाली जाएगी।
सरकार कभी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर तो कभी अन्य चीजों के दाम बढ़ाकर पहले ही लोगों का शोषण कर रही है, अब पलवल व फरीदाबाद के लोगों के सिर पर एक और टैक्स के नाम पर टोल टैक्स लगा दिया है। - हाजी युनूस अहमद, अध्यक्ष मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन
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जिला पलवल के सारे वकील टोल के विरोध में हैं। इसके लिए जल्द ही वकील अधिकारियों से मिलेंगे। टोल को सरकार को हटाना होगा। वरना बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सरकार की निर्णय पूरी तरह से जिले के लोगों के खिलाफ है।
- राजीव लांबा, एडवोकेट, पूर्व उपाध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन पलवल
पृथला पंचायत समिति के सदस्य इस टोल के विरोध में एकजुट हैं। सरकार का निर्णय पूरी तरह से लोगों के खिलाफ है। इस टोल के विरोध में सरकार के विधायकों को भी आना चाहिए, लेकिन उनकी आंखों पर अंधभक्ति की पट्टी बंधी हैं।
- लाल सिंह तेवतिया, सदस्य पंचायत समिति पृथला
आम लोगों को इसके खिलाफ आगे आना चाहिए। मंत्रियों, विधायकों व सांसदों को तो टोल फ्री रहता है, लेकिन आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा। इसे जजिया कर बताने वाले समझ लें कि इसी क्षेत्र के लोगों ने उन्हें सांसद व मंत्री बनाया है।
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- देवेंद्र चौहान, जिला इनेलो अध्यक्ष फरीदाबाद
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