होडल। गांव बंचारी से गौड़ोता जाने वाले मार्ग पर स्थित जंगलों के बीच कोडला मंदिर के महंत की बुधवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को जलाने का प्रयास भी किया गया। बृहस्पतिवार सुबह जब ग्रामीण पूजा अर्चना करने मंदिर पहुंचे तो महंत को मृत अवस्था में मंदिर में पीपल के पेड़ के नीचे नग्न अवस्था में पड़ा पाया। सूचना मिलते ही डीएसपी दिनेश यादव तथा मुंडकटी थाना प्रभारी प्रीतम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया।
ग्रामीण नरबीर सिंह ने बताया कि गांव से गोड़ोता सड़क मार्ग पर बेहद पुराना कोडला मंदिर है। इसकी 15 वर्षों से 50 वर्षीय चरणगिरी महंत देखभाल करते थे। बुधवार की देर सांय गांव के लोग मंदिर से आरती के बाद अपने घर चले गए। सुबह जब वे पूजा अर्चना के लिए पहुंचे तो महंत के शव को मंदिर के बाहर एक पेड़ के नीचे खून से लथपथ नग्न अवस्था में देखा। शव के पास कुछ सामान भी बिखरा हुआ था। जिससे लग रहा था कि महंत की हत्या के बाद उसे जलाने का प्रयास किया गया है। आसपास गांव के लोगों को हत्या की जानकारी जैसे ही मिली, काफी संख्या में महिला पुरुष और बच्चे मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सूचना थाना पुलिस को दी। हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने महंत के शव को पोस्टमार्टम के लिए पलवल भेज दिया है। खबर लिखे जाने तक पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है।
हत्या में त्रिशुल व डंबल का किया गया इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार महंत की हत्या करने के लिए उनके ही त्रिशूल व मंदिर में रखे व्यायाम करने वाले डंबल का इस्तेमाल किया गया है। क्योंकि उसमें खून लगा हुआ था। पुलिस ने दोनों को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही आसपास बिखरे सामान को भी कब्जे में ले लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव को जलाने का भी प्रयास किया गया था। उनके शरीर से कैरोसिन की बदबू आ रही थी।
रोटी भी नहीं हुई नसीब
भगवान की वर्षों की पूजा के बाद भी महंत चरणगिरी को भूखे पेट ही जाना पड़ा। हत्या आरोपी ने महंत को रोटी खाने तक का मौका नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि महंत ने उन्हें होटल से तंदूरी रोटी, दाल और दूध लाने को कहा था। लेकिन सुबह जब महंत की हत्या की जानकारी मिलने पर मंदिर पहुंचे तो खाने का सारा सामान व रोटियां वहीं पड़ी मिलीं।