शहर में जाम की समस्या को लेकर डीसी कृष्ण कुमार को ज्ञापन सौंपते इनेलो नेता।
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पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग और पुराने जीटी रोड पर लगने वाले जाम को लेकर बुधवार को इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन इनेलो नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि शहर में लगने वाले जाम से वाहन चालक परेशान हो रहे हैं, वहीं जाम में फंसने वाले वाहनों से उठता धुआं प्रदूषण के स्तर को भी बढ़ा रहा है। इससे शहरवासियों का दम घुट रहा है। रतन सिंह सौरोत ने कहा कि यदि जाम की समस्या का निपटान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस दौरान उपायुक्त कृष्ण कुमार ने जाम खुलवाने के लिए सुझाव मांगें और जल्द जाम की समस्या के निपटान का आश्वासन दिया।
जिला उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि जाम के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, जिससे लोगों में कैंसर व हृदय संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। जाम के कारण आपातकालीन वाहन जैसे एंबुलेंस को दिल्ली व फरीदाबाद मरीजों को ले जाने में परेशानी होती है, जिससे कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और उनकी मौत हो जाती है। राजमार्ग पर जाम के कारण लोग पुराने जीटी रोड का इस्तेमाल करते हैं या फिर गलत दिशा में वाहनों को चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जाम के कारण शहर का व्यापारी, कर्मचारी व आम जनता बेहद परेशान हैं, क्योंकि व्यापार पर असर पड़ रहा है। कर्मचारी भी समय पर ड्यूटी नहीं पहुंच पाते हैं।
इस दौरान उपायुक्त ने मौजूद लोगों से जाम से निपटने के लिए सुझाव मांगें तो उन्होंने कहा कि सभी चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए। मुख्य चौराहों खासकर बस स्टैंड चौक से रेहड़ी-पटरी का अतिक्रमण खत्म किया जाए। उन्हें रोड से अलग जगह सुनिश्चित की जाए, ताकि सामान खरीदने के लिए वाहन रोड पर न रुके। इसके अलावा सड़क पर सवारी भरने वाली बसों व अन्य वाहनों को भी चौराहों पर खड़े न होने दिया जाए। जिन स्थानों पर एलिवेटेड पुल बन गया है, वहां नीचे के सड़क को यातायात के लिए खोल दिया जाए ताकि जाम की समस्या से निपटा जा सके।
इस दौरान रतन सिंह सौरोत ने कहा कि यदि जाम की समस्या का निपटान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में इनेलो के प्रदेश महासचिव महेंद्र सिंह चौहान, विजयपाल आर्य, ऋषिपाल, रोशनलाल, रोशन रावत आदि शामिल थे।