फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धरनास्थल पर परंपरागत तरीके से की गोवर्धन पूजा, किसानों ने दीपों से की सजावट, गायकों ने प्रस्तुत किए भजन

विज्ञापन
पलवल धरना स्थल गोवर्धन की आकृति बनाते किसान। - फोटो : Palwal
विज्ञापन
पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे किसानों के धरने में शुक्रवार को ब्रज क्षेत्र की झलकियां देखने को मिलीं। किसानों ने धरनास्थल पर गोवर्धन पूजा का आयोजन किया। परंपरागत तरीके से गोबर से गोवर्धन महाराज की आकृति बनाई और इसके बाद पूरे विधि-विधान से पूजा की गई। इससे पहले दिवाली पर्व पर धरनास्थल को दीपों से सजाया गया। दरअसल, किसानों ने धरनास्थल को ही अपना घर मान सभी त्योहार मनाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

धरनास्थल पर शुक्रवार को चौहान पाल के किसानों की संख्या ज्यादा रही। पाल की तरफ से महिला किसान भी धरनास्थल पर पहुंची, जिन्होंने भगवान गोवर्धन की आकृति बनाई। धरने में किसान नेताओं ने कहा कि पिछले करीब एक साल से चल रहे किसान धरने में किसानों ने सभी त्योहार मनाए हैं। किसान धरनास्थल को ही अपना घर चुके हैं। नए कृषि कानूनों की वापसी को लेकर किसानों के हौसले बुलंद हैं। किसानों ने वर्ष 2024 तक की तैयारियां कर ली हैं। यदि सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तो 2024 में भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने का काम किसानों द्वारा किया जाएगा। किसानों ने भाजपा को पिछले चुनावों में हुई हार से सबक लेने की सलाह दी। किसानों ने कहा कि किसानों के मामले में सरकार पूरी तरह से विफल रही है। सरकार न तो किसानों की आमदनी बढ़ा पाई और न ही कोई अन्य योजना किसानों के लिए लेकर आई। उल्टा किसानों को बर्बाद करने के कानून पारित कर दिए हैं। अब किसानों को खाद की लाइनों में लगा दिया। धरने में किसानों ने ब्रज के गीत गाए। इस दौरान अच्छेलाल जोधपुर, गोपी हवलदार, रोशनलाल, चंद्रमुनि, समय सिंह, बुद्धि चौहान, बीर सिंह, श्रीचंद व जगदीश रावत ने भजन प्रस्तुत किए।
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता सोहनपाल चौहान ने की, जबकि संचालन नरेंद्र सहरावत ने किया। धरने को किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, राजकुमार ओहलियान, रूपराम तेवतिया, रतन सिंह सौरोत, उदय सिंह सरपंच, राजेंद्र घर्रोट, चेतराम मैंबर, समुंदर दलाल ने संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें