होडल। नगर परिषद की लापरवाही के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। एक ओर नगर परिषद द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था पर लाखों रुपये प्रतिमाह खर्च किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शहर की अधिकांश कॉलोनियों और पूरे शहर में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। शुक्रवार को बार एसोसिएशन के अधिवक्ता व दर्जनों अन्य नागरिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन अधिकारी के मौजूद नहीं मिलने के बाद अधिवक्ता नगर परिषद कार्यालय पहुंचे।
नगर परिषद में भी न तो कार्यकारी अधिकारी और न ही पालिका अभियंता मौजूद मिले। बताया गया कि परिषद में मनोज यादव अतिरिक्त तौर पर कार्यकारी अभियंता का पदभार संभाल रहे हैं, लेकिन वह कम ही होडल कार्यालय पहुंचते हैं। अधिवक्ताओं ने नगर परिषद के जेई जीतराम को पत्र सौंपा और शहर में फॉगिंग कराने की मांग की। अधिवक्ता धर्मेंद्र चौहान, जयप्रकाश सौरोत, मोहनश्याम बेनीवाल, बीएल शर्मा आदि ने बताया कि पूरे शहर में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। महीनों तक नालियों की सफाई नहीं की जाती है। शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रति माह पैंतीस लाख रुपये खर्च किए जाने का दावा है। कागजी रिकार्ड में शहर में सफाई करने वाली मशीन में 60 लीटर प्रतिदिन के हिसाब से डीजल पर खर्च किया जा रहा है, जबकि मशीन पिछले कई महीनों से शहर में चलाई ही नहीं गई है।