पलवल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर फरीदाबाद-पलवल के बीच लगाए जा रहे गदपुरी टोल को हटाने की मांग के संबंध में रविवार को सात घंटे तक महापंचायत चली। इस दौरान निर्णय लिया गया कि आंदोलन तथा धरना लगातार जारी रहेंगे। साथ ही ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जा कर भवन बनाने पर टोल चलाने वाली कंपनी को चेतावनी दी गई कि यदि 24 घंटे में भवन खाली नहीं किया तो भवन पर ताला जड़ देेंगे। निर्णय हुआ कि महापंचायत पहले फैसले का पालन करते हुए आगे भी धरना जारी रखेगी। यदि जिला प्रशासन और एनएचएआई द्वारा टोल को जबरदस्ती चलाने का प्रयास किया गया तो उस दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार तथा प्रशासन जिम्मेदार होगी। महापंचायत की अध्यक्षता करतार सिंह जेलदार ने की। संचालन टोल हटाओ संघर्ष समिति के संयोजक रतन सिंह सौरोत ने किया।
टोल बैरियर पर रविवार को हुई महापंचायत में अपना फैसला जाहिर करते हुए एनएचएआई की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया गया। टोल चलाना है तो ग्रामीणों की बात माननी होगी और पंचायत के पूर्व फैसलों पर अमल करना होगा। संयोजक रतन सिंह सौरोत ने बताया कि टोल चलाने से पहले एनएचएआई तथा क्यूब कंपनी को पहले गदपुरी ग्राम पंचायत की जमीन को खाली करना होगा। इसके अलावा अधिगृहीत करने के बाद पहले मुुआजवा देना होगा। साथ ही दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर 6 लेन निर्माण की सारी शर्तों को पूरा करना होगा। इसके लिए सर्वप्रथम बल्लभगढ़ में रेलवे लाइन के ऊपर बने पुल को 6 लेन बनाना, पलवल में चार लेन बनाए गए एलीवेटिड पुल का निर्माण 6 लेन करना, बघौला, मुंडकटी, औरंगाबाद, बंचारी में पुल का निर्माण करने के अलावा आरोही स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अंडरपास या फिर पुल का निर्माण करना होगा। इसके बाद ही टोल चलाने की अनुमति दी जाएगी।
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि टोल चलाने वाली कंपनी और रिलायंस के हाथों की सरकार के मंत्री, विधायक तथा अधिकारी कठपुतली बने हुए हैं। बिना जमीन अधिग्रहण किए जिस तरह से ग्राम पंचायत गदपुरी की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, उसे हटवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इस इलाके की जनता को कमजोर समझने की भूल न करें। यदि प्रशासन ने सरकार और कंपनी के दबाव में टोल चलाने का प्रयास किया तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने पुलिस व प्रशासन अधिकारियों को चेेतावनी दी कि यदि टोल पर धरने पर बैठे लोगों को धमकाने और डराने का प्रयास किया तो उनका भी इलाज किया जाएगा। महापंचायत को पूर्व विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, टेकचंद शर्मा, रेडक्रास की पूर्व मानद सचिव शशि बाला तेवतिया, कांग्रेस नेता राकेश तंवर, जगन डागर, सविता चौधरी, बार एसोसिएशन फरीदाबाद के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, लक्ष्मण तंवर, सुरेश कुमार एडवोकेट और देवा सरपंच ने भी संबोधित किया।
24 घंटे में ग्राम पंचायत की जमीन पर बनाए भवन को खाली करने का दिया अल्टीमेटम
महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए एनएचआइ और टोल लाने वाली क्यूब कंपनी को 24 घंटे में भवन खाली करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि भवन को पूरी तरह से खाली नहीं किया गया तो दो दिन के बाद ट्रैक्टरों में गोबर भरकर भवन के अंदर बनाई गई टोल बूथों के लिए सुरंगों को बंद कर दिया जाएगा तथा पूरे भवन को ताला लगा दिया जाएगा। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि अब लड़ाई आर-पार की लड़ी जाएगी।
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प्रशासन ने टोल चलाया तो मुकाबले पर गदपुरी की जमीन पर फ्री चलाया जाएगा टोल
महापंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने इलाके के लोगों की बात को नजर अंदाज करते हुए ग्राम गदपुुरी की पंचायती जमीन को छोड़कर अपनी जमीन पर पर बनाए 16 बूथों पर टोल चलाया तो मुुकाबले पर ग्राम पंचायत गदपुरी की जमीन पर बने 9 बूथों पर फ्री टोल चलाकर वाहनों को निकलवाया जाएगा। उसके साथ ही भी जारी रहेगा।
एनएचएआई के आगे रखी गईं ये शर्तें
महापंचायत के दौरान एनएचआई के सामने 20 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले लोगों के लिए 315 रुपये के बजाय 150 रुपये का मासिक पास बनवाने, पत्रकारों और वकीलों को फ्री करने तथा तीन किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों को पूरी तरह से फ्री करने की शर्तें भी रखी गई हैं। इसके अलावा सभी पुलों और अंडरपास का निर्माण छह माह के अंदर पूरा कराने की भी शर्त रखी गई है।
मौजूद रहा भारी पुलिस बल
महापंचायत को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। जहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर होडल के तहसीलदार दिनेश नागर थे, वहीं गदपुुरी थाना प्रभारी मोहम्मद इलियास के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौजूद थे।