पलवल। भीषण गर्मी का कहर अब लोगों के पसीने छुड़ा रहा है। आग उगलते सूर्य देव ने लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल कर दिया है। वहीं, लोग घर तथा कार्यालय पर कूलर, एसी के माध्यम से पसीने को सुखाने का प्रयास करते हैं तो बिजली गुल हो जाती है। बिजली के इन कटों के कारण अब तो गांवों में ही नहीं शहरी क्षेत्रों में भी पीने के पानी का संकट होने लगा है। बिजली कट की समस्या से जूझ रहे लोग जब बिजली वितरण निगम के अधिकारियों से बात करते हैं तो वे पीछे से बिजली कम मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। यहां तक कि बिजली वितरण निगम के अधिकारियों द्वारा बनाए गए वाट्सअप ग्रुप पर भी लोगों द्वारा बिजली न आने की बात लिखी जाती है तो उसका भी जवाब नहीं दिया जाता है।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। बाहर सड़कों पर इतनी अधिक गर्माहट थी कि लोगों का बाइक पर तथा पैदल चलना मुश्किल हो रहा था। सुबह सूर्य देव के निकलने के साथ ही मौसम में गर्माहट आनी शुरू हो गई थी। सुबह 8 बजे ही तापमान 40 डिग्री पर पहुंच गया था। 10 बजे के बाद तापमान 42 डिग्री पर पहुंचा तो शाम चार बजे तक 42 डिग्री से नीचे नहीं उतरा, जिससे लोग गर्मी की तपन से पूरे दिन झुलसते रहे। गर्मी से बचने के लिए लोग जैसे ही घरों व कार्यालयों में अंदर पहुंचते हैं तो बिजली गुल हो जाती है।
फाइलों से हवा करते नजर आए कर्मचारी
भीषण गर्मी में लोग कार्यालयों में बैठकर हाथ में फाइल लेकर स्वयं ही हवा करते नजर आए। साथ ही लैपटॉप और कंप्यूटरों पर बैठकर काम करते रहे। अधिकांश कार्यालयों में यही नजारा दिखा। वहीं स्कूलों में गर्मी के कारण न तो बच्चे पढ़ पा रहे थे और न ही शिक्षक पढ़ा पा रहे थे। बच्चे बार-बार कक्षाओं से निकलकर बाहर पानी पीने जाते थे, लेकिन वाटर कूलरों में भी ठंडा पानी नसीब नहीं हुआ।
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल
गर्मी के बीच लगातार लग रहे बिजली कटों के कारण जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती मरीजों का भी बुरा हाल था। अस्पताल में बिजली गुल होते ही कमरों में चल रहे पंखे भी बंद हो गए। इस कारण लोग गर्मी से परेशान-बेहाल दिखे। प्रसूति विभाग में जच्चा और उनके परिजन नवजात बच्चों पर हाथ के पंखों से हवा करते दिखे। जनरेटर न चलने के कारण भी मरीजों को खासी परेशानी हुई। काफी परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से भी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
8 से 10 घंटे रहती है बिजली गुल
बिजली कटों का इतना बुरा हाल है कि 24 घंटे में आठ से 10 घंटे तक बिजली गुल रहती है। रात को भी कई घंटे बिजली गुल रहती है तथा पूरी रात बार-बार बिजली कट लगने का सिलसिला जारी रहता है। यही दिन में भी हाल रहता है। एक घंटे के लिए बिजली आती है तो आधा घंटा गुल रहती है। अधिकारी फोन नहीं उठाते और उठा लेते हैं तो समस्या सुनते ही फोन काट देते हैं।
पानी की भी होने लगी समस्या
बिजली गुल रहने से पानी की भी समस्या होने लगी है। पहले ही गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत बन जाती है, ऊपर से बिजली गुल रहने से ज्यादा बन गई है। ट्यूबवेल भी चल नहीं पा रहे हैं, जिससे खेतों में पानी देने की समस्या बन गई है। पानी न मिलने के कारण नई फसल की सिंचाई की बिजाई नहीं हो पा रही है। एक तो रजवाहों में ही पानी नहीं है, ऊपर से ट्यूबवेल भी नहीं चल पा रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें ध्यान
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि गर्मी अधिक है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों का बचाव बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलने पर पूूरे कपड़े पहनें तथा चेहरे को ढंककर बाहर निकलें। बुखार, उल्टी, दस्त की समस्या होते ही तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
बिजली की समस्या के संबंध में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से भी मिलूंगा। उन्हें पलवल जिले की सारी समस्याओं से अवगत कराऊंगा। बिजली न आने के कारण ट्यूबवेल बंद रहते हैं। इससे फसलों की बिजाई नहीं हो पा रही है।
- सुखराम डागर, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ जजपा