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पानी की समस्या को लेकर सौंदहद के ग्रामीणों ने लगाया जाम

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होडल। गांव सौंदहद के लोगों ने बुधवार को पेयजल संकट से परेशान होकर होडल-नूंह रोड पर जाम लगा दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही होडल, बहीन और मुंडकटी पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई तथा लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, लोग नहीं माने तथा जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर समस्या का समाधान जानबूझकर न करने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को दो दिन में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिस ने यातायात को सुचारू कराया। करीब एक घंटे बाद वाहन चालकों को जाम से राहत मिली।
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लोगों के गुस्से को देख पुलिस अधिकारियों ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मामले की सूचना दी तो विभाग के उपमंडल अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। लोगों ने उनके आते ही नारेबाजी तेज कर दी तथा हंगामा तेज कर दिया। यह देख अधिकारी लौट गए, जिसे देख लोगों का गुस्सा और बढ़ गया तथा उन्होंने सड़क पर अवरोधक भी डाल दिए। लोग चिलचिलाती धूप में बैठ गए तथा नारेबाजी करते रहे। बहीन थाना प्रभारी कैलाश भड़ाना सहित होडल व मुंडकटी थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे।
ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले एक महीने से चिलचिलाती गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि वह इस मामले में कई बार विभाग के एसडीओ व अन्य को अवगत करा चुके हैं, लेकिन उनकी किसी भी अधिकारी ने सुनवाई नहीं की। नलों में पानी नहीं आने से गांव में मवेशियों के लिए भी पानी की समस्या पैदा हो गई है। आसपास के नलकूपों और ट्रैक्टर आदि से दूरदराज के क्षेत्रों से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
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ग्रामीण महिलाओं का आरोप था कि विभाग के एसडीओ की लापरवाही के कारण ही गांव में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। बाद में पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को दो दिन में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिस ने यातायात को सुचारू कराया। ग्रामीण इसी शर्त पर जाम खोलने को राजी हुए कि अगर दो दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह दोबारा धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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