पलवल। हड़ताल कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पंचकूला जाने से रोकने के विरोध में बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता उर्मिला रावत ने की और मंच का संचालन कृष्णा देवी ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंगनबाड़ी नेताओं ने कहा कि बुधवार रात को पलवल बस अड्डे से चंडीगढ़ जाने वाली बस को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, जिससे रात के समय कार्यकर्ता घंटों बस का इंतजार करती रहीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बावजूद भी बस को नहीं छोड़ा गया, जिसकी वे निंदा करती हैं।
सीआईटीयू के जिला प्रधान श्रीपाल भाटी, आंगनबाड़ी यूनियन की जिला उप प्रधान शशि बाला, जिला कोषाध्यक्ष कमला देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विधानसभा सत्र के घेराव के लिए पलवल पुलिस द्वारा रोकना अमानवीय है। पुलिस आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सामने टकराव की स्थिति पैदा कर रही है। पूरे प्रदेश से कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने के लिए पहुंची, परंतु पलवल में कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। सर्व कर्मचारी संघ के नेता राजेश शर्मा, योगेश शर्मा, राकेश तंवर के नेतृत्व में बस अड्डे पर प्रदर्शन कर बस को छोड़ने की मांग की गई, परंतु पुलिस अधिकारियों ने बस को छोड़ने के निर्देश नहीं दिए। आज उपायुक्त कार्यालय में पुलिस की कार्यशैली के विरोध में प्रदर्शन किया गया है। साथ उपायुक्त को पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली के विरुद्ध शिकायत दी गई है, ताकि आगे से पुलिस आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ऐसी हरकत न करें। प्रदर्शन को किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, कमला, माया, मकीना, अंजलि, ऊषा, रेखा ने भी संबोधित किया।
संयुक्त किसान मोर्चा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में बैठक
संयुक्त किसान मोर्चा पलवल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल के समर्थन में चार मार्च शुक्रवार को विश्राम गृह में बैठक करने का निर्णय लिया है। किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व राजकुमार ओलीहान घुघेरा ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा बुधवार रात को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा चंडीगढ़ जाने के लिए किराए पर की गई बस को गुपचुप तरीके से अपने कब्जे में लेने की घटना से पूरे क्षेत्र में रोष है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बस को अपने कब्जे में लेकर महिला कार्यकर्ताओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है, जिससे महिला कार्यकर्ता वापसी अपने घर के लिए रात 12 बजे तक इंतजार करती रहीं। इससे कोई भी अनहोनी घटना हो सकती थी। उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इस घटना को लेकर विचार कर आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।