पलवल। दिल्ली-एनसीआर में ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप से चलते लोगों में डर साफ दिखने लगा है। बेहतर इलाज के अभाव में कोरोना से बचाव के लिए लोग टीके को ही एकमात्र विकल्प मान रहे हैं। पिछले कई माह से स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील कर रहा था, परंतु लोग रुचि नहीं दिखा रहे थे। अब ओमिक्रॉन के प्रकोप के बढ़ते ही जिला नागरिक अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए अफरातफरी मचनी शुरू हो गई है। इस दौरान कोरोना की हिदायतों का भी पालन का ध्यान भी नहीं रखा जा रहा है, जिससे कोरोना के फैलने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग पिछले कई माह से तरह-तरह के अभियान चलाकर लोगों से वैक्सीनेशन करवाने की अपील कर रहा है। इसके फायदों के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं, परंतु उसके बावजूद लोग टीकाकरण करवाने में रूचि नहीं दिखा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ा तो सही, परंतु अभी भी काफी लोग वैक्सीनेशन से अछूते रह गए हैं। कोरोना के दौरान लोग वैक्सीनेशन लगवाने के प्रति जागरूक हुए और वैक्सीनेशन में तेजी आई। उसके बाद गांव स्तर पर वैक्सीनेशन लगाने का कार्य किया गया। उसके बावजूद भी काफी लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई। अब ओमिक्रॉन के प्रकोप के बढ़ते ही लोगों में वैक्सीन कराने की होड़ भी शुरू हो गई है। जिला नागरिक अस्पताल में बृहस्पतिवार को वैक्सीनेशन लगवाने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही।
शिविर में रही अव्यवस्था, नहीं हुआ कोरोना प्रोटोकोल का पालन
कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए लोग हर संभव प्रयास कर रहे है। अस्पताल के वैक्सीनेशन केंद्र पर भारी भीड़ जमा होने लगी है। अस्पताल में केवल एप पर रजिस्टर्ड करने वाले लोगों के मेसेज देखकर ही वैक्सीन लगाई जा रही है। यहां पर शारीरिक दूरी का पालन नजर नहीं आता। ज्यादा लोगों के पहुंचने से अव्यवस्था का माहौल बन जाता है। गाइड लाइन का पालन करवाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
जिले में युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जा चुका है। लोगों को निरंतर वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया जा रहा है। काफी संख्या में लोग अस्पताल में कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि अभी तक जिले में एक भी कोरोना का मामला सामने नहीं आया है।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन