हथीन। सोमवार सुबह बहीन थाना में उस समय हड़कंप मच गया जब थाने के एक सहायक उपनिरीक्षक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी लाश बहीन थाना परिसर के पीछे वाले भवन में मिली। यह भवन स्वास्थ्य केंद्र का है जिसका उपयोग पुलिस कर्मी बतौर आवास इस्तेमाल करते हैं। मृतक एएसआई की पहचान इकबाल के रूप में हुई है। उन्होंने रविवार को ही बहीन थाने में कार्यभार संभाला था। इससे पूर्व उनकी ड्यूटी किठवाड़ी पुलिस चौकी पर थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुबह के समय परेड के लिए स्टाफ के लोग सोकर उठते हैं। इकबाल उठकर नहीं आए। स्टाफ के लोगों ने थाने के पीछे वाले परिसर में जाकर देखा तो उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला। थाना प्रभारी धर्मचंद एवं स्टाफ के अन्य लोगों ने स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को संबधित एएसआई इकबाल के पैतृक गांव फिरोजपुर झिरका के गांव रिगड ले जाया गया। एएसआई की मौत की सूचना मिलते ही मौके पर डीएसपी रतनदीप बाली भी पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद डीएसपी बाली सहित पुलिस स्टाफ के लोग उनके अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए।
सूत्रों के मुताबिक एएसआई इकबाल को भ्रष्टाचार के मुकदमे में सोमवार शाम को राज्य चौकसी थाना विजिलेंस में पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश होना था। 14 दिसंबर को उनकी आवाज के नमूने लिए जाने थे। विजिलेंस ने सितंबर माह में एक मुकदमा नंबर 11 दर्ज किया था। जिसमें कथित रूप से लेनदेन का उल्लेख था। इस मामले में ही इकबाल एवं धर्मेन्द्र हवलदार के वाइस सैम्पल्स लेने थे। इस मुकदमे के चलते इकबाल तनाव में थे। वह रविवार की रात सोये भी नहीं थे। इन्हीं हालात में उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। डीएसपी रतनदीप बाली ने बताया कि इस मामले में 174 की कार्यवाही की गई है।