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गांव चिल्ली में बुखार के 80 मरीज मिले

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हथीन के गांव चिल्ली में मरीजों के सैंपल लेते डॉक्टर - फोटो : Palwal
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हथीन। चिल्ली गांव में बुखार के कारण पिछले एक माह में लगभग आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इस कारण ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने गांव में ही ओपीडी शुरू करवाकर और घर-घर जाकर लोगों की जांच शुरू कर दी है। अब तक गांव में 80 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं। इन सभी के खून के नमूने डेंगू और मलेरिया जांच के लिए भिजवा दिए गए हैं।
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इन दिनों अस्पतालों में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में 70 फीसदी बढ़ गई है। जिला नागरिक अस्पताल में ही प्रतिदिन करीब एक हजार मरीज बुखार, खांसी और जुकाम के आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर गंभीर नजर आ रहा है। वहीं, गांवों में लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। साथ ही जिन क्षेत्रों में बुखार के मरीज ज्यादा हैं, वहां लोगों के रक्त के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ रविवार को भी गांव में डटे रहे। स्वास्थ्यकर्मियों ने मलेरिया, डेंगू एवं कोविड जांच के लिए भी नमूने लेने शुरू कर दिए हैं। पूरे गांव में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग भी शुरू कर दी गई है। चिल्ली गांव में तो विशेष रूप से हर घर से पानी का नमूना भी लिया जा रहा है।
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गांव में फॉगिंग नहीं हुई है। लोग भयभीत हैं। एक-दो दिन में ही मरीज के प्लेटलेट्स घट जाती हैं। बच्चों में इसका प्रभाव ज्यादा है।
- नरेश कुमार, निवर्तमान सरपंच
सात वर्षीय पुत्र शाकिब की बुखार से मौत हो गई थी। स्थानीय डॉक्टरों ने डेंगू बताया था। मेडिकल कॉलेज में इलाज के बावजूद शाकिब की जान नहीं बच पाई।
- सलीमुद्दीन, पीड़ित
बेटी को बुखार आया था, लेकिन सही हो गया था। इसके बाद उसे निमोनिया हो गया। स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन जान नहीं बच सकी।
- मुन्फेद, पीड़ित
एक भी मामला मलेरिया और डेंगू का नहीं मिला
प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि गांव में केवल पांच मौतें हुई हैं। कारणों का पता किया जा रहा है। अभी तक के नमूनों में एक भी मामला मलेरिया और डेंगू का नहीं मिला है। बुखार के 80 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। बुखार किस तरह का है, इसकी जांच लैब में कराई जा रही है। ग्रामीणों की इलाज करके हरसंभव मदद की जाएगी।
जिले में मिला केवल एक डेंगू का मरीज
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्ममदीप सिंह का कहना है कि चिल्ली गांव में बुखार के मरीज ज्यादा मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है। गांव में ही डॉक्टरों द्वारा ओपीडी की सुविधा दी जा रही है। दी जा रही है। मरीजों के रक्त के सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पलवल जिले में डेंगू का केवल एक ही मरीज मिला है। लोगों से भी अपील है कि वे बुखार होने पर जिला नागरिक अस्पताल और उपमंडल नागरिक अस्पतालों में जाकर रक्त की जांच कराएं।
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