केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डॉ. एमएम पल्लम राजू ने राजीव गांधी एजुकेशन सिटी सोनीपत और झज्जर जिले के बाढ़सा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) नई दिल्ली के विस्तार कैंपस की आधारशिला रखी।
वहीं, उन्होंने सोनीपत जिले के किल्लोहड़द में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की आधारशिला भी रखी। समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा के तकनीकी शिक्षा मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, जितेंद्र मलिक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. आरके शेवगांवकर व तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।
हजारों छात्र करेंगे दोनों विस्तार केंद्र में शोध
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो आईआईटी के विस्तार केंद्रों और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान पर 1128 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें आईआईटी के केंद्रों के लिए 500-500 करोड़ रुपये और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए 128 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि देश का सबसे बड़ा व प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली का विस्तार कैंपस राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में 50 एकड़ में बनाया जाएगा।
इसके लिए प्लाट नंबर 4ए व 4बी अलॉट किए गए हैं। यह आईआईटी दिल्ली का रिसर्च कैंपस होगा और यहां हजारों विद्यार्थी नए तकनीक के लिए शोध करेंगे। वहीं, बाढ़सा स्थित विस्तार केंद्र में आईआईटी की ओर से स्किल डेवलपमेंट सेंटर और बायो साइसेंज रिसर्च पार्क शुरू किए जाएंगे।
दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं बढ़ाएंगी हरियाणा की शान
सीएम ने कहा कि नौ वर्ष पहले हरियाणा को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा हब बनाने का उनके द्वारा लिया गया सपना साकार होने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पंचकूला से सिरसा तक नई-नई शैक्षणिक संस्थाएं खोली गई हैं।
प्रदेश के विकास को राष्ट्रीय फैशन संस्थान, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, कल्पना चावला मेडिकल कालेज, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय व मेडिकल कालेज, निफ्टम, देश का पहला रक्षा विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय, लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, एम्स और आईआईएम जैसे संस्थान चार-चांद लगाएंगे।
केंद्रीय मंत्री डॉ. एमएम पल्लम राजू ने कहा कि ये केंद्र न केवल आधुनिक युग की शिक्षा के अनुरूप बच्चों का भविष्य सुनिश्चित करेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में भी कारगर सिद्ध होगा।
37 से 160 हुए इंजीनियरिंग कॉलेज
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि प्रदेश ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में कई गुणा विकास किया है। साल 2005 में प्रदेश में केवल 37 इंजीनियरिंग कॉलेज थे जो अब 160 हो चुके हैं।
पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या 38 से बढ़कर 202 हो चुकी है। वहीं, आईटीआई 97 थी, जो 229 हो चुकी है। 2005 में तकनीकी शिक्षा में प्रदेश में कुल 27 हजार सीटें थीं, जो अब डेढ़ लाख से ज्यादा हैं।
ये रहे उपस्थित
समारोह को तकनीकी शिक्षा मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह, सांसद जितेंद्र मलिक, विधायक जयतीर्थ दहिया और जगबीर मलिक ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक जयवीर सिंह, विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा, वेद सिंह मलिक, अध्यक्ष प्रदीप गौतम, अर्जुन दहिया, मनोज रिढाऊ, कमल हसीजा, विनोद धनखड़, संतोष गुलिया, हरेंद्र सैनी, डॉ. ओपी परूथी, सुरेंद्र शर्मा, जोगेंद्र दहिया, एचएस चहल, धनपत सिंह, केके कटारिया, कमिश्नर रोहतक रेंज चंद्रप्रकाश, डीसी डॉ. चंद्रशेखर, एसपी अरुण कुमार सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
बाढ़सा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निखरेंगी प्रतिभाएं
झज्जर। बाढ़सा में केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डॉ. एमएम पल्लम राजू और हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के विस्तार परिसर की आधारशिला रखी।
इस विस्तार में आईआईटी की ओर से स्किल डेवलपमेंट सेंटर और एम्स के साथ मिलकर बायो साइसेंज रिसर्च पार्क शुरू किए जाएंगे।
सीएम ने कहा कि आईआईटी के इस विस्तार परिसर में युवाओं के कौशल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार निखारने पर बल दिया जाएगा।
आईआईटी का अपनी तरह का देश में यह पहली बार प्रयोग हो रहा है। इसके अलावा बाढ़सा में एम्स और आईआईटी मिलकर बायो-साइंस के क्षेत्र में रिसर्च कार्य करेंगे।
2020 तक 50 करोड़ होंगे प्रशिक्षित युवा
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एम.एम. पल्लम राजू ने कहा कि देश में युवाओं की संख्या ज्यादा है और केंद्रीय सरकार ने देश में वर्ष 2020 तक 50 करोड़ स्किल पावर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार का प्रयास है कि शिक्षा का विस्तार हो और इसके लिए देश में 150 बड़े संस्थान खोले गए हैं।
शोध पर खर्च होगा दोगुना
अनुसंधान पर बल देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विभिन्न अनुसंधानों पर खर्च होने वाली एक प्रतिशत राशि को प्रधानमंत्री ने दोगुना करने को कहा है, जिससे शिक्षा में और ज्यादा तरक्की होगी।
आईआईटी जल्द काम करेगा शुरू
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी, दिल्ली के निदेशक डा. आरके शेवगांवकर ने कहा कि बाढ़सा एक्सटेंशन कैंपस के बायो साइंसेज रिसर्च पार्क में एम्स के साथ मिलकर बायो साइंसेज क्षेत्र, फार्मास्यूटिकल, मेडिसन, केमिकल क्षेत्र में रिसर्च की जाएगी।
इसी तरह आईटी और आटोमोबाइल हब गुड़गांव से नजदीकी होने के कारण युवाओं को स्किल डेवलपमेंट सेंटर के जरिये भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाएगा। आईआईटी की ओर से यहां पर शीघ्र ही काम शुरू किया जाएगा।
बाढ़सा कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह, तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव धनपत सिंह, रोहतक के आयुक्त चंद्रप्रकाश, आईजी अनिल राव, महानिदेशक विजेंद्र सिंह, उपायुक्त अजीत बालाजी जोशी, बादली के विधायक नरेश शर्मा, पूर्व स्पीकर एवं बेरी के विधायक डॉ. रघुबीर सिंह कादियान, पूर्व मंत्री धीरपाल सिंह, राज सिंह जाखड़ और जिला कांग्रेस के अध्यक्ष आनंद सागर सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मैं तो दीपेंद्र के क्षेत्र का मंत्री हूं : डॉ. राजू
बाढ़सा (झज्जर)। मेरे अपने संसदीय क्षेत्र के लोग मुझसे पूछते हैं कि कहीं मैं दीपेंद्र हुड्डा के संसदीय क्षेत्र का मंत्री तो नहीं हूं। यह बात कोई चुटकी नहीं है बल्कि केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री डॉ. एमएम पल्लम राजू ने बाढ़सा में आयोजित समारोह में कही।
आईआईटी दिल्ली के विस्तार परिसर की आधारशिला रखने के अवसर पर उन्होंने कहा कि मेरे प्रदेश व क्षेत्र के लोग सोशल मीडिया के जरिये जब यह जानते हैं कि दीपेंद्र हुड्डा अपने इलाके में काम करवाने के लिए आए सप्ताह आ बैठते हैं तो लोग मुझसे कहते हैं कि कहीं मैं दीपेंद्र के क्षेत्र का ही मंत्री तो नहीं हूं। उन्होंने कहा कि दूसरे सांसदों को भी दीपेंद्र की तरह काम करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल की भी तारीफ की।
इंतजार करते रहे लोग
कार्यक्रम का समय 12 बजे रखा गया था। ठंड व कोहरे के बीच अतिथि पांच घंटे विलंब के साथ सवा पांच बजे जब पहुंचे तो कोहरे के कारण अंधेरा हो चुका था। वहीं, स्थानीय विधायक नरेश शर्मा की ओर से जो होर्डिंग्स लगवाए गए थे उन पर आईआईटी के शिलान्यास के बजाय उद्घाटन के लिए धन्यवाद किया गया। इन पर आईआईटी के बजाय आईआईएमटी लिखा गया था। सभा स्थल में तो एम पर कागज चिपका कर उसे छिपाने का प्रयास किया गया, जो चर्चा का विषय रहा। आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर आरडी सोनकर भी गलती से दीपेंद्र को सांसद की बजाय एमएलए कह बैठे।
इन चोरों को मत बुलवाओ
सीएम के आने में विलंब के कारण बाद में पार्टी के अनेक स्थानीय नेताओं का बुलाया जाने लगा तो लोगों में से किसी ने बीच में चिल्लाकर कहा कि इन चोरों को मत बुलाओ।